18 साल की जवान बहन की चुदाई

प्रेषक : मनी …

हैल्लो दोस्तों, आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों को अपने जीवन का एक सच बताने जा रहा हूँ और इस खेल में मेरी बहन ने मेरा साथ दिया और हम दोनों ने बड़े मस्त मज़े किए और अब आप सभी का ज्यादा समय खराब ना करते हुए में उसको सुनाना शुरू करता हूँ। दोस्तों यह बात उन दिनों की है, जब में 19 साल का था और मेरी बहन 18 साल की थी और में उस उम्र में भी चूत और लंड के बारे में बहुत कुछ अच्छी तरह से जानता और बड़ा ही होशियार था, क्योंकि तब तक कई लड़कियाँ मेरे लंड तले गुजर चुकी थी। फिर एक दिन सुबह-सुबह में अपने कॉलेज जाने को तैयार हो रहा था और फिर में जैसे ही अपनी छोटी बहन के कमरे में अपनी टाई को लेने गया, तब मैंने देखा कि वो उस समय अपना टॉप पहन रही थी और नीचे गुलाबी रंग की पेंटी, जो जालीदार थी और वो उस समय बहुत प्यारी लग रही थी। अब इतना अच्छा नज़ारा देखकर में वहीं दरवाज़े की आड़ में रुक गया था और उसको तैयार होते देखने लगा था। फिर उसने टॉप पहना और फिर स्कूल का स्कर्ट उठाया और पहनने लगी। अब उसकी पेंटी स्कर्ट से छुप गयी थी और अब वो पूरी तैयार हो गयी।

फिर में उसके कमरे में गया और टाई ढूँढने लगा और टाई उठाकर जानबूझ कर मैंने इस तरह पलटा कि मेरी बहन से टकरा गया। अब वो टक्कर सीधी उसके बूब्स पर पड़ी और वो भी बहुत ज़ोर गति से लगी जिसकी वजह से वो संभल नहीं सकी और नीचे गिर पड़ी। फिर जब वो नीचे गिरी तब उसका छोटा सा स्कर्ट ऊपर हो गया। अब उसकी गुलाबी रंग की पेंटी मुझे एक बार फिर से नज़र आने लगी थी और फिर मैंने अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए उसको उठाया और माफ करने के लिए बोला। फिर उसने कहा कि कोई बात नहीं भैया यह एक हादसा था और फिर हम दोनों उसके बाद कॉलेज चले गये, लेकिन अब मेरा दिल उसकी गोरी-गोरी जांघो और छोटे आकार के बूब्स के विचारों में उलझ गया था। अब में पूरी तरह से पागल हो चुका था और अब मेरा पूरा मन उसकी चुदाई करने का हो चुका था, लेकिन मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या और कैसे विचार बनाकर उसकी चुदाई करूं? क्योंकि आख़िर वो मेरी सग़ी बहन भी थी, लेकिन में उसकी चुदाई का विचार तो बना ही चुका था और फिर आख़िर में दो दिन के बाद मुझे वो मौका उसकी चुदाई करने के लिए मिल ही गया।

अब हमारे कॉलेज में हड़ताल हो गयी थी और मेरी मम्मी भी उन्हीं दिनों मेरी नानी के वहाँ पांच दिन के लिए पापा के साथ चली गयी और अब घर में सिर्फ़ में, कामवाली बाई और रीना रह गये थे। एक दिन मेरी अच्छी किस्मत से हमारे घर की कामवाली बाई भी नहीं आई और अब रीना बैठकर बर्तन धो रही थी, वो घर में हमेशा ज्यादातर समय फ्रॉक ही पहना करती थी और अभी उसकी उम्र भी ज़्यादा नहीं थी, काम करते समय उसको अपने कपड़ो का जरा भी ध्यान नहीं रहा था, लेकिन मेरी नजर तो इसलिए तरसा करती थी कि कब में उसकी पेंटी का मस्त द्रश्य देख लूँ मुझे वो मौका मिले? और कब में अपनी आँखों को सेक सकूँ? और अब इस तरह से मुझे उसकी पेंटी एक बार फिर से नजर आ रही थी और इस बार उसकी चिकनी जांघो के बीच में काले रंग की पेंटी बहुत सुंदर नजर आ रही थी। अब बर्तन धोने की वजह से उसकी फ्रॉक भी पानी से भीग चुकी थी, जिसके नीचे वो कुछ भी नहीं पहने थी और उस वजह से उसके छोटे आकार के संतरे की तरह उभार वाले बूब्स साफ नजर आ रहे थर और उसके नींबू के आकर के निप्पल भी उभरे हुए थे।

फिर बर्तन धोने के बाद वो नहाने चली गयी, हमारे घर में बाथरूम और टॉयलेटट एक साथ ही है। अब में भी सही मौका पाकर अंदर घुसने के मौके में था, लेकिन दरवाज़ा अंदर से बंद था, मैंने उसी समय बाथरूम का दरवाजा खटखटाया। अब रीना पूछने लगी क्यों क्या हुआ भैया? तब मैंने कहा कि रीना दरवाज़ा खोलो, मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब आ रहा है। अब उसने कहा कि अभी तो में नहा रही हूँ इसलिए में नहीं खोल सकती तुम थोड़ा सा रुक जाओ, लेकिन मैंने कहा कि नहीं बहुत ज़ोर की लगी है मेरा रुकना अब बड़ा मुश्किल होता जा रहा है। तभी उसने कहा कि इस समय में पूरी नंगी हूँ और इसलिए जरा रुक जाओ, क्योंकि मेरे पूरे बदन पर साबुन भी लगा है और इस समय तो में टावल भी नहीं पहन सकती हूँ, भाई प्लीज जरा सी देर और रूको। फिर में रुक गया और फिर दो मिनट के बाद ज़ोर से चिल्लाने लगा अरे यार जल्दी से दरवाज़ा खोलो नहीं तो कमरा गंदा हो जाएगा। तभी रीना ने मेरे मुहं से यह बात सुनकर डरते हुए दरवाज़ा खोल दिया और फिर उसको उस हालत में देखते ही मेरे लंड में तनाव आ गया था। दोस्तों क्योंकि अब वो पूरी तरह से भीगी हुई थी और उसके बदन पर अभी भी साबुन लगा हुआ था उस द्रश्य को देखकर मेरी आंखे चकित होकर बहुत फैल गई।

अब वो मुझे अपनी तरफ देखते हुए थोड़ा सा सकपका गयी और फिर बोली क्या भैया अब आपको बाथरूम नहीं जाना? जल्दी से कीजिए ताकि में नहा सकूँ। अब मैंने होश में आकर कहा कि हाँ-हाँ और फिर मैंने अपना पजामा तो बाहर पहले ही उतार दिया था। अब में इस समय सिर्फ़ अंडरवियर पहने हुए था और अब मेरा लंड अपनी नंगी बहन के गोरे कामुक नंगे जिस्म को देखकर तन चुका था। फिर मैंने अंदर जाकर अपनी अंडरवियर को भी उतार दिया, जिसके बाद में पूरा नंगा हो गया था और बहन की तरफ अपना मुँह करके अपने लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए पेशाब करने लगा था। अब रीना थोड़ी शरमा रही थी और वो एक तरफ कोने में खड़ी हुई थी और मेरे लंड को अपनी अज़ीब चोर नजरों से घूरकर देख रही थी। फिर मैंने पेशाब करने के बाद कहा कि रीना तू अब जाकर नहा क्यों नहीं रही है? तब उसने कहा कि भाई आप अब बाहर जाइए तभी तो में नहाने जाउंगी। अब मैंने उसको कहा कि अरे में तेरा बड़ा भाई हूँ, तू मुझसे इतना क्यों शरमा रही है? मैंने तो बचपन में तुझे कई बार नंगा देखा है और कई बार तुझे में अपने हाथों से नहला भी चुका हूँ और यह बात उसको कहकर मैंने उसकी पीठ पर अपना एक हाथ फैर दिया जिसकी वजह से वो थोड़ी सी पीछे हट गयी और में अब तक नंगा ही था।

अब मेरा लंड लटक रहा था, जिसको वो छुपकर देख रही थी और तभी मैंने उसको कहा कि चल आज तुझे में एक बार फिर से नहला दूँ और यह बात कहकर मैंने पानी को खोल दिया, जिसकी वजह से हम दोनों भीग चुके थे। फिर में साबुन उठाकर उसके बदन पर रगड़ने लगा और फिर बहुत धीरे-धीरे उसके पूरे बदन पर साबुन लगा दिया और फिर सामने आकर उसके बूब्स पर भी साबुन लगाया और वो अब भी शरमा रही थी। अब में उसके बूब्स पर बहुत धीरे-धीरे साबुन मल रहा था और फिर साबुन एक तरफ रखकर उसके बूब्स को में बड़ा तेज मसलने लगा और कहा कि यहाँ बहुत गंदगी रहती है, इसको कस कसकर मसला करो और उसके निप्पल जो छोटे से अंगूर की तरह थे, उनको में अपनी उंगली के बीच में लेकर मसलने लगा था। अब इतना सब होने के बाद कोई भी लड़की हो, वो गरम तो हो ही जाएगी और यही हाल रीना का भी अब होने लगा था। अब वो धीरे-धीरे सिसकने लगी थी और में तुरंत समझ गया था कि अब उसको मस्ती छाने लगी है और उसी समय मैंने उसके कूल्हों पर अपना एक हाथ रखा और में रगड़ने लगा। अब बहुत देर तक रगड़ने के बाद वो आहहह्ह्ह ऊऊहहहह करने लगी थी, मैंने उसको पूछा कि क्या हुआ रीना? तू कराह क्यों रही है?

तब उसने कहा कि पता नहीं भाई, मुझे क्या हो रहा है? मेरे पूरे बदन में एक अज़ीब सी गुदगुदी हो रही है, मेरे पूरे बदन पर पानी पड़ा है, लेकिन फिर भी मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे में किसी आग में अंदर ही अंदर जली जा रही हूँ। फिर मैंने उसको कहा कि अच्छा अब तू भी मुझे नहला दे और यह बात उसको कहकर मैंने उसके एक हाथ में साबुन पकड़ा दिया, तब उसने मेरे पूरे बदन पर साबुन लगाया। अब मुझे उसके नरम हाथों से साबुन लगवाने में बहुत मज़ा आ रहा था, मेरा मन कर रहा था कि अभी उसी समय बाथरूम में पटककर चोद दूँ, लेकिन में जल्दबाज़ी में काम खराब नहीं करना चाहता था, क्योंकि अब वो लाईन पर तो आ ही रही थी। फिर मैंने उसको अपना लंड पकड़ा दिया, जो एकदम किसी डंडे की तरह अकड़ रहा था। अब वो मेरे लंड को अपने हाथ में लेने से झिझक रही थी, लेकिन मैंने उसको कहा कि देखो मैंने तुमको नहलाया है, अब तुम भी मुझे नहलाओ ना। फिर वो धीरे-धीरे मेरे लंड पर साबुन रगड़ने लगी और मैंने उसको कहा कि अब तुम इसे रगड़ो। तब उसने मेरे लंड को रगड़ना चालू कर दिया और अब मुझे उसके मुलायम हाथ से मुठ मरवाना बहुत अच्छा लग रहा था, जिसकी वजह से अब मेरे मुँह से भी सिसकियाँ निकल रही थी।

अब मैंने कहा कि आहह्ह्ह रीना जल्दी-जल्दी करो, मुझे इस तरह से कराहते हकलाते हुए देखकर रीना डर गयी और वो बोली कि भाई आपको क्या हुआ? तब मैंने उसको कहा कि बहुत दर्द हो रहा है, जल्दी-जल्दी करो। अब वो दोबारा से अपने हाथ तेज गति से चलाने लगी, थोड़ी देर के बाद ही मेरे लंड से पिचकारी की तरह मेरा वीर्य बाहर निकल गया और उसके बदन पर चिपक गया, जिसको वो बहुत ध्यान से देख रही थी। अब सब ध्यान से देखिए में अपनी छोटी बहन के साथ बाथरूम में नहाने के बाद क्या करता हूँ? फिर जब मैंने उसके नाज़ुक गुलाबी बदन पर साबुन लगाया और उसकी चूची मसलते हुए दबा रहा था, तो तब रीना सिसक रही थी। फिर मैंने उसकी चूत जिस पर अभी नाम के लिए सिर्फ़ गोल्डन बाल उगे हुए थे। अब में उसकी चूत को सहलाने लगा था और उसकी चूची कसकर दबाने लगा था। तो तब वो कराहने लगी। तो मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो रीना ने कहा कि भाई पता नहीं मेरा पूरा बदन गीला है फिर भी ऐसा लग रहा है जैसे में जल जाऊंगी। तो तब मैंने उसे अपना लंड पकड़ाते हुए कहा कि अब तू भी मेरे लंड पर साबुन लगा।

अब जब वो मेरे लंड पर अपनी मुलायम उंगलियों से साबुन लगा रही थी, तब तो कसम से इतना मज़ा आ रहा था कि में क्या बताउं? यह बात उस अहसास को बस वही जानता होगा जिसने कभी किसी लड़की से अपने लंड पर साबुन लगवाया होगा और तब मेरी भी सिसकी निकलने लगी थी। अब मैंने कहा कि मेरी प्यारी छोटी बहन अब साबुन रखकर इसको रगड़ो तो, देखो यहाँ पर कितना मैल जमा है? तब मेरी नासमझ बहन अपने दोनों हाथों से मेरा लंड मसलने लगी और अब में भी उसके बूब्स को मसल रहा था। अब लंड की सहलाहट से मेरे मुँह से भी अज़ीब सी सिसकी निकल रही थी, में ऊफफ्फ, आह्ह्ह की आवाजे करने लगा था। तभी वो मुझे इस हाल में देखकर डर गयी और पूछने लगी कि क्या हुआ भाई? आपको दर्द हो रहा है क्या? फिर मैंने कहा कि हाँ, बहुत दर्द हो रहा है, अब तू जल्दी-जल्दी इसको आगे पीछे कर। अब वो बहुत जल्दी-जल्दी मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी, तभी मेरे लंड से एक ज़ोर की पिचकारी निकली और उसके बदन पर किसी फव्वारे की तरह गिरी, जिसको देखकर वो डर गयी थी और घबराकर बोली कि भाई यह क्या हुआ? तब मैंने कहा कि पता नहीं, तुने क्या कर दिया है? अब मुझे पता नहीं क्या हो जाएगा? अब वो बहुत डरने लगी थी। फिर मैंने कहा कि जो हो गया उसको जाने दो और अब बाहर आओ।

फिर हम दोनों नंगे ही कमरे में आ गए और फिर मैंने उसको कहा कि अब तुम मेरी गोदी में बैठो, तो तुम्हें एक बात बताऊँ और में वहीं सोफे पर अपने पैर लटकाकर बैठ गया। फिर वो भी शरमाते हुए अपनी चूत पर अपने हाथ रखे हुए आई और मेरी गोद में बैठ गयी। अब उसके बैठने से उसके दोनों छोटी आकार के नारंगी की तरह के बूब्स बिल्कुल मेरे मुँह के पास थे, जिसकी वजह से अब में चूमने लगा था और उसकी निप्पल को भी अपनी उंगली के बीच में रखकर सहला रहा था। अब उसकी चूत में भी चीटियाँ रेंगने लगी थी, अब वो आहहह ऊह्ह्ह्ह कर रही थी, तभी मैंने कहा कि क्या हुआ बहना? तब उसने अपनी चूत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि भाई यहाँ बहुत ज़ोर से गुदगुदी हो रही है, अब आप कुछ कीजिए। फिर मैंने उसको वहीं सोफे पर सीधा लेटा दिया और उसकी दोनों जांघो के बीच में बैठ गया और अपनी जीभ को उसकी चूत की दरार, जो दिखने में बहुत ही सुंदर लग रही थी, क्योंकि वो अभी तक चुदी नहीं थी जिसकी वजह से उसकी चूत की दरार आपस में चिपकी हुई थी। अब में उसको चुटकी में लेकर मसलने लगा था और उसकी चूत पर एक मटर की तरह दाना भी उभरा हुआ था, जिसकी वजह से अब में अपनी जीभ से रगड़ने लगा था।

अब तो उसका हाल बहुत ही बुरा हो गया था और फिर उसने अपने दोनों हाथ मेरे गले में बाँधते हुए मुझे अपनी तरफ खीच लिया था और बोली कि खा जाओ मेरी चूत, भाई बहुत कुलबुला रही है, प्लीज कुछ कीजिए ना भाई अगर जल्दी कुछ ना किया तो कुछ ना कुछ हो जाएगा। फिर में उठा और उसके दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाकर अपने कंधे पर रख लिया और अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा, लेकिन यह क्या? बहुत ज़ोर लगाने पर भी मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था और अब तो वो खुद भी अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़कर अंदर अपनी चूत में डालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मेरी सभी कोशिश नाकाम रही। फिर आख़िर में मैंने उसको एक बार चूसकर झड़ाने की सोच ली थी और उस समय चूत मारने का इरादा भी छोड़ दिया और झट से अपनी जीभ उसकी चूत पर फैरने लगा और फिर अपनी उंगलियों से उसकी चूत को फैलाकर उसकी चूत में अपनी जीभ को डाल दिया। अब उसको कुछ मजा आने लगा था और अब वो मेरा सर पकड़कर अपने कूल्हों को उछालने लगी थी और फिर थोड़ी ही देर के बाद वो झड़ गयी, उसकी चूत से बहुत सारा रस निकला था।

तभी मैंने अपने लंड को उसकी गीली चूत पर रखा और बिना मौका गवाए उसकी चूत में एक करारा धक्का मार दिया और कसम से इतना जोरदार धक्का मारने के बाद भी मेरा सिर्फ़ चार इंच लंड ही अंदर गया था और रीना इतनी ज़ोर से चीखी थी कि अगर पापा-मम्मी घर पर होते, तो उस दिन मेरी गांड फट जाती। फिर मैंने तुरंत उसके होंठ अपने होंठो में ले लिए और उसके बूब्स को दबाते हुए एक धक्का और मार दिया जिसकी वजह से दोबारा से मेरा दो इंच लंड अंदर चला गया। अब तो वो आहह में मर गयी, ऊह्ह्ह्ह मम्मी बचाओ, भैया प्लीज छोड़ दीजिए मुझे, आअहह में मर जाऊंगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है आआहह। फिर मैंने एक धक्का और लगा दिया जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी चूत की झिल्ली को फाड़ता हुआ उसके आख़िरी किनारे तक चला गया। अब तो उसकी चूत से खून की बूंदे गिरने लगी थी और फिर जब उसने देखा तब वो दर्द से चिल्लाने लगी, हाए भैया यह क्या हुआ? आपने मेरी चूत को फाड़ दिया ऊफ्फ्फ्फ़ अब क्या होगा? मुझे जल्दी से डॉक्टर के पास लेकर चलिए। तभी मुझे एक विचार आया और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और अब मेरे लंड पर भी उसकी चूत का खून लगा हुआ था।

फिर मैंने कराहते हुए कहा कि साली तू झूठा नाटक कर रही है, खून मेरे लंड से निकला है और दर्द तुझे हो रहा है। अब मेरे लंड को खून से लथपथ देखकर रीना अपना दर्द भूल गयी थी और फिर मुझसे बोली कि भैया अब यह लंड का दर्द ख़त्म कैसे होगा? तब मैंने कहा कि अभी जैसे मेरे लंड से तूने बाथरूम में पानी निकाला था, ठीक वैसे ही तेरी चूत से भी पानी निकलकर मेरे लंड पर पड़ेगा, तब इसका दर्द कम होगा। अब उसने कहा कि अच्छा अब आप अपना लंड मेरी चूत में दोबारा से डाल लीजिए और अपना दर्द कम कीजिए, लेकिन मैंने नाटक करते हुए कहा कि अभी तू फिर से चिल्लाएगी और रोएगी। अब वो बोली कि नहीं भाई अब में नहीं रोऊँगी, मैंने अपना लंड उसकी चूत में दोबारा से डाल दिया और में तेज धक्के देकर उसकी जमकर चुदाई करने लगा था। फिर कुछ देर के बाद ही उसको भी बहुत मज़ा आने लगा था और वो बोली कि आहह्ह्ह्ह भाई अब तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, जल्दी-जल्दी धक्के लगाइए और अब मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरी चूत से भी कुछ निकलने वाला है। तभी मैंने अपने धक्कों की गति को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया और फिर उसी समय वो झड़ गयी।

फिर थोड़ी देर के बाद ही में भी अपने लंड के रस को उसकी चूत में ही डालकर वहीं उसके ऊपर गिर गया। फिर उस रात को मैंने उसको करीब तीन बार कई आसन से चोदा। अब हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिलता है, तब हम चुदाई का भरपूर आनंद लेते है और बहुत मज़े करते है।

दोस्तों यह था मेरा पहला सेक्स अनुभव जिसके बाद हम दोनों का जीवन पूरा बदल गया और उस खेल का हम दोनों ने बड़ा मस्त मज़ा लिया, हम बहुत खुश रहने लगे ।।

धन्यवाद …


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