स्टूडेंट की माँ की गांड चोदी

प्रेषक : सुजीत …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुजीत है। में पहली बार अपना फर्स्ट एक्सपीरियन्स लिख रहा हूँ आज में अपनी एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि यह कहानी आप लोगों को बहुत पसंद आएगी। एक बार मेरे बगल वाले घर में एक परिवार कुछ महीनों के लिए नये-नये रहने आया था, उस परिवार में पति, पत्नी और उनका 13 साल का लड़का था, वो 8वीं क्लास में पढ़ता था, वो लड़का स्कूल के बोरडिंग हाउस में रहकर पढ़ाई करता था और इस समय वो गर्मियों की छुट्टियों में आया हुआ था और उस लड़के के पिताजी श्री प्रसाद शुक्ला जो कि करीब 45 साल के थे, उनकी दूसरी शादी हुई थी, उनकी पहली पत्नी मर चुकी थी, वो सरकारी कर्मचारी थे। अब हम दोनों सरकारी कर्मचारी होने के कारण एक दूसरे के घर आकर गप्पे मारा करते थे, या फिर शतरंज खेला करते थे। में उन्हें अंकल कहकर बुलाता था और उनकी बीवी को आंटी कहता था और अंकल उनको चोद नहीं पाते थे। उनकी पत्नी काफ़ी सेक्सी थी, बड़े-बड़े चूतड़ और चूचीयों को देखकर किसी का भी मन उसे चोदने के लिए तड़प उठता था। वो अक्सर मुझे सेक्सी निगाहों से देखती थी, कभी-कभी तो उसकी आँखे वासना भरी नज़र आती थी और बातें करते हुए मुझे देखकर कभी अपने होंठो को दाँतों से दबाती थी, तो कभी अपने होंठो पर बार-बार अपनी जीभ फैरती थी।

फिर एक दिन बातों-बातों में उन्होंने कहा कि सुजीत जी मिकी (उनके लड़के का नाम है) के पापा को तो समय नहीं मिलता है और अगर तुम्हारे पास टाईम हो तो शाम को उसे गणित पढ़ा दिया करो। तो मैंने कहा कि मुझे कोई प्रोब्लम नहीं है, में शाम को दफ़्तर से आने के बाद उसको पढ़ाने आपके घर आ जाऊंगा। फिर में रोज शाम को आंटी के घर मिकी को पढ़ाने जाने लगा, अब मेरी आंटी से काफ़ी बात होने लगी थी। अब जब भी में उसके लड़के को पढ़ाता, तो वो मेरे पास ही बैठी रहती थी। अब मैंने उसकी तरफ ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया था तो मैंने महसूस किया कि वो अब मेरे सामने काफ़ी सेक्सी कपड़े पहनती थी। अब जब कभी वो साड़ी पहनती है तो उसका ब्लाउज काफ़ी कसा हुआ होता था, जिसकी वजह से उसकी 40 साईज़ की चूचीयाँ तनी हुई रहती थी और उसकी साड़ी भी उसके चूतड़ों पर काफ़ी कसी हुई रहती थी, उसकी चूचीयाँ बहुत बड़ी-बड़ी थी, जिसे देखकर ही मेरा लंड बुरी तरह से खड़ा हो जाता था और जब कभी वो सलवार पहनती थी तो वो भी बहुत कसी हुई होती थी और कमीज़ लो कट वाले गले से उसकी चूचीयाँ बहुत ही सेक्सी लगती थी और गांड भी एकदम कसी हुई रहती थी।

उसकी गांड का साईज़ भी 44 था और कमर 34 थी, वो पूरा का पूरा जबरदस्त माल लगती थी। अब मेरा तो मन करता था कि जाकर दबोच लूँ और अपना लंड उसकी गांड और चूत में पेल दूँ, लेकिन संकोच के मारे हिम्मत नहीं बढ़ रही थी। फिर एक दिन जब में उसके लड़के को पढ़ा रहा था, तो वो मेरे सामने वाले सोफे पर बैठी थी, उस दिन उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी हुई थी और बहुत ही कसा हुआ ब्लाउज पहना था, ऐसा लगता था कि वो उसकी चूचीयों के साईज से काफ़ी छोटा था। अब में थोड़ी- थोड़ी देर में आंटी पर नज़र डाल रहा था, तो कभी-कभी उससे नज़र भी मिल जाती थी, तो वो केवल मुस्कुरा देती थी। उस दिन वो कोई किताब पढ़ रही थी, तो जैसे ही फोन की घंटी बजी तो उसके हाथ किताब गिर गयी तो वो उसको उठाने के लिए झुकी, उउउफफफ्फ़ क्या गजब का नज़ारा था? एकदम कसी हुई दो बहुत ही मोटी चूचीयाँ अब मेरे सामने थी। उसने ब्लाउज बहुत ही गहरे गले का पहना था तो उसकी चूचीयों का काफ़ी भाग दिखाई दे रहा था।

फिर जब मेरी और उसकी नज़र आपस में मिली, तो वो समझ गयी कि में बड़ी गौर से उसकी चूचीयों  को निहार रहा था। तो तब वो मुस्कुराकर फिर से किताब लेकर पढ़ने लगी, लेकिन उसने अपनी साड़ी  का पल्लू ऊपर नहीं किया। अब उसकी कसी हुई मोटी चूचीयाँ उसके ब्लाउज से कसी हुई साफ-साफ़ दिख रही थी। फिर वो ऐसे ही काफ़ी देर तक किताब पढ़ती रही और मेरे लंड का बुरा हाल बना रही थी और फिर वो बाद में उठकर चली गयी। फिर अगले हफ्ते जब में उसके घर गया तो पता चला कि उसका लड़का अपने फ्रेंड के बर्थ-डे में गया हुआ था, इसलिए मैंने आंटी से कहा कि ठीक है तो में चलता हूँ। तो वो बोली कि चले जाना थोड़ी देर रूको तो सही, तो में रुक गया। फिर मैंने उसको गौर से देखा तो उसने आज नाइटी पहनी हुई थी, वो भी काफ़ी पारदर्शी थी और उसके अंदर का सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था, उसने अंदर काली ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी, उसकी पेंटी तो उसके चूतड़ों में एकदम फंसी हुई थी और ऐसा लगता था कि वो केवल ब्रा और पेंटी में खड़ी हो।

अब मेरा तो लंड पूरी तरह से तन गया था, अब मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड का तना हुआ उभार साफ- साफ़ दिख रहा था। अब वो भी काफ़ी ध्यान से मेरे लंड को ही देख रही थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम कुछ लोगे, तो मैंने कहा कि कोल्डड्रिंक, तो वो कोल्डड्रिंक लाने के लिए चल दी। अब में उसके चूतड़ों को देख रहा था, जो कि इधर-उधर मटक रहे थे। फिर वो कोल्डड्रिंक लेकर आई और मुझे दिया और वो कोल्डड्रिंक देने के लिए जैसे ही झुकी, तो मुझे उसकी चूचीयों की दरार दिखाई देने लगी तो में उसको ही देखने लगा और कोल्डड्रिंक लेना भूल ही गया, तो वो भी कुछ नहीं बोली। अब उसको पता चल गया था कि में उसकी चूचीयों को देख रहा हूँ। फिर मुझे याद आया कि मुझे कोल्डड्रिंक लेनी है तो मैंने  जल्दी से कोल्डड्रिंक ले ली। तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि उूउउफ़फ्फ़ सुजीत आराम से ले लो कोई जल्दबाजी नहीं है।

अब में उसकी बात सुनकर हैरान रह गया था, अब में समझ गया था कि वो भी तैयार है। फिर वो मेरे बगल में आकर बैठ गयी और में उसके कंधे पर हाथ रखकर उसकी चूचीयों को सहलाने और दबाने लगा और फिर वो अपनी नाइटी उतारने लगी। तो मैंने कहा कि अभी नहीं मेरी जान तुझको में अपने हाथों से नंगा करूँगा। तो वो बोली कि हाँ ये भी ठीक है, मुझको नंगा करते समय तुम मेरी प्यासी चूत का अच्छे से मज़े ले लेना। अब आज मेरी दिल की मुराद पूरी हो रही थी, उसका बदन वाकई में काफ़ी गजब का था, एकदम मुलायम चिकना। अब मुझे उसको सहलाने में बहुत मज़ा आ रहा था। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में ही थी, हाए क्या गजब का माल लग रही थी? फिर मैंने उसके होंठ चूमने शुरू किए और उसकी चूचीयों को भी दबाने लगा, अब वो धीरे-धीरे गर्म हो रही थी। फिर उसने मेरी शर्ट और पैंट उतार दी, अब में सिर्फ़ अंडरवेयर में था। फिर वो मेरे खड़े हुए लंड को देखने लगी, जो कि मेरी अंडरवेयर से बाहर आ गया था।

फिर वो मेरे लंड को देखकर बोली कि सुजीत वाकई में तुम्हारा लंड तो डंडे जैसे बड़ा और मोटा है, तुम्हारा लंड अपनी चूत में लेकर इस प्यासी चूत की प्यास बुझा दूँगी। ख़ैर फिर उसने धीरे से मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसको चूसने लगी, अब मुझे भी मज़ा आने लगा था। फिर मैंने भी धीरे से उसकी पेंटी उतार दी और फिर उसकी ब्रा भी उतार दी, अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी। अब वो बहुत ही गजब की लग रही थी। फिर मैंने भी उसकी चूत को चाटाना शुरू कर दिया, अब वो काफ़ी गर्म हो रही थी और मेरा लंड भी तना जा रहा था। फिर में उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत से सटा दिया और कस-कसकर उसकी चूचीयों को रगड़ने लगा।

अब वो जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी सीईईईईई मेरे राजा, अब जल्दी से पेल डालो मुझको, अब मत सताओ चोद दो मेरी इस चूत को, साली तुम्हारे लंड के लिए बहुत तरसी है, अब फाड़ दो इसको। अब मुझसे भी नहीं रहा जा रहा था तो मैंने अपना लंड झटके से उसकी कसी हुई चूत में घुसा दिया, तो वो धीरे से सिसकी हाईईईईईईईईईई रे फाड़ डाली। अब मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के अंदर घुस गया था। फिर में थोड़ी देर तक बिना कोई हरकत किए ऐसे ही पड़ा रहा और उसके होंठो को चूमते हुए उसकी चूचीयों के निपल्स को सहलाता जा रहा था। अब वो भी काफ़ी गर्म हो चुकी थी। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकालकर एक ज़ोर का धक्का मारा तो मेरा लंड पूरा उसकी चूत के अंदर घुस गया। तो वो और जोर से सिसकी हाईईईईईईईई रे, मार डालाआाआअ रे, फाड़ दी हाईईईईईई मेरीइईई चूत। अब में कस- कसकर धक्के लगाने लगा था। अब वो भी मस्त हो गयी थी और पता नहीं क्या-क्या बोल रही थी? हाईईईईईईई रे, हाईई मार डाला, जालिम बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा और कसकर पेल डालो, हाँ ऐसे ही चोदो, हाईईईईईईईईईई, मज़ा आआआअ रहा है, हाईईइ और कस-कसकर, फाड़ डालो मेरी चूत को, साले अब देखती हूँ तूने अपनी माँ का कितना दूध पीया है? मेरी चूचीयों से मेरा पीकर दिखा।

अब में भी जोश में आ गया था और ये सुनकर और भी जोश में चढ़ गया था साली कुतिया चुप रह रंडी, मादरचोद, फाड़ डालूँगा तेरी चूत समझी, रंडी साली। अब वो और भी मस्त हो गयी थी हाईईई, सीईईईईईईई और पेलो राजा, आआआहह मज़ा आ गया रे और कस-कसकर चोद मुझको, फाड़ डाल मेरी चूत को, उईईईईई, हाईईईई रे, उईईईईइ माँआआआ में मरी हाईईईईईई। अब मुझको उसे चोदते हुए 30 मिनट हो गये थे, वो अब तक कई बार झड़ चुकी थी। तो तभी मेरा ध्यान उसकी गांड पर गया तो मैंने उसका छेद टच करके देखा, तो मुझे बड़ा कसा हुआ लगा। तो उसने पूछा कि क्या इरादा है? अब मेरी गांड भी मारेगा क्या? तो मैंने कहा कि हाँ बिना चोदे तो नहीं छोडूंगा तुझको। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया और उसे कुतिया की तरह खड़ा कर दिया। अब मुझे उसकी गांड का गुलाबी छेद साफ-साफ़ दिख रहा था। अब मेरा लंड उसकी चूत के पानी से पहले से ही गीला था तो मैंने उसकी गांड से अपना लंड सटा दिया और हल्के से धक्का लगा दिया तो मेरा लंड 2 इंच उसकी गांड में घुस गया। तो वो चिल्ला उठी हाईईईई में मरररर गयी रे, हाईई बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और फिर से एक धक्का लगा दिया और बार-बार लगाने लगा, तो 10 मिनट के बाद वो थोड़ी नॉर्मल हो गयी।

अब उसको भी मज़ा आ रहा था, वो सिसकने लगी थी हाईईईईईई रे इसमें तो चूत से भी ज़्यादा मज़ा आता है और कस-कसकर पेल मेरे राजा, हाईईईई रे बहुत मजाआाआअ आ रहा है, सीईईईई, हाईईई, चोद दो सीईईईईईईई और कस-कसकर हाईईईई, उईईईईईईईईईईईई माँआआआआआअ मजा आ गया रे। अब में उसको लगातार चोदता ही जा रहा था। फिर करीब 20 मिनट तक मैंने उसको चोदा, अब मेरा झड़ने वाला था तो मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी, साली क्या मस्त गांड है तेरी? अब तो तू मेरी हो गयी है, अब में रोज तेरी कस-कसकर चुदाई किया करूँगा, साली रंडी, तू बहुत मस्त औरत है, हाए मज़ा आ गया, हाईईईईईईई रे, हाईई मेरा निकलने वाला है रे और फिर मेरा पानी उसकी गांड में ही निकल गया।  फिर हम काफ़ी देर तक चिपककर लेटे रहे, फिर में उठा और अपने कपड़े पहन लिए। तो वो बोली कि राजा अब तो मेरी रोज चुदाई करनी पड़ेगी, तो मैंने कहा कि ठीक है करूँगा मेरी रानी। फिर उसके बाद मैंने उसे खूब जमकर चोदा और खूब इन्जॉय किया ।।

धन्यवाद …


Source: http://www.kamukta.com/feed/

You might also like More from author

Comments are closed.