भाभी को चोदने का प्लान

प्रेषक : आतिफ …

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आतिफ है। दोस्तों यह मेरी पहली और सच्ची सेक्स घटना है, जिसको आज में कामुकता डॉट पर आप सभी की सेवा में हाजिर कर रहा हूँ। दोस्तों मेरा यह प्लान काम में लेकर कोई भी अपनी भाभी को चोद सकता है, यह प्लान मैंने 2 साल में तैयार किया है और यह प्लान सफल भी है। अब में आप सभी को ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। मेरी उम्र 20 साल, लम्बाई 5.11 इंच, मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। दोस्तों मैंने मेरे इस जीवन में सिर्फ़ एक बार सेक्स किया है और वो भी अपनी भाभी के साथ और में अपनी उस भाभी का परिचय सही-सही तो नहीं लिख सकता, लेकिन वो बहुत मस्त चीज है। दोस्तों उनकी उम्र 24 साल है, उनका नाम आयशा है, लाल गाल, गोरी चमड़ी, बड़े आकार के बूब्स और उनकी गांड तो क्या मस्त है? वो पूरी सेक्स की देवी लगती है। दोस्तों में अपने भाई की शादी से लेकर करीब दो साल तक उसके लिए तरसा हूँ, हुआ यह कि मैंने उनसे बहुत बार बात करने की कोशिश कि, लेकिन नहीं हो सकी। फिर मैंने एक बार हिम्मत कर ही ली और हुआ यह कि उस दिन घर में मेरी अच्छी किस्मत से में और वहीं थी।

अब मैंने देखा कि वो सोफे पर बैठकर चावल साफ कर रही थी, तभी में उनके पास जाकर बैठ गया। फिर वो हैरान हो गयी, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ था कि में अकेला उनके पास जाकर बैठ था और उस समय घर में कोई नहीं था और उन दिनों वो गर्भवती थी और उसको दो महीने हुए थे, यह उनका पहला बच्चा था। फिर मैंने उनके पास बैठकर इधर उधर की बातें करना शुरू कर दिया, वो पहले तो ठीक से जवाब नहीं दे रही थी। फिर उन्होंने टी.वी को भी चालू कर दिया और अब वो चैनेल को बदल बदलकर देखने लगी थी। फिर जब वो थोड़ी हैरानी के आलम से बाहर आई तब अच्छी तरह से बातें करने लगी। अब मैंने उनको कहा कि आप B4U चैनल लगा दो, तब उन्होंने वो लगाया तो उस पर एक फिल्म फुटपाथ का गाना आ रहा था, जो कि बहुत गंदा था। तभी उन्होंने मुस्कुराकर मुझसे कहा कि यह गाना सिर्फ़ सुनने वाला है देखने लायक नहीं है और फिर उन्होंने उस चैनेल को बदल दिया। अब मुझे उसकी यह बात सुनकर अच्छा लगा कि वो मुझसे खुलकर बात कर रही है। फिर मैंने मुझसे कहा कि सुनने के साथ-साथ देखना भी चाहिए और उन्होंने मुस्कुराकर रिमोट मेरे हाथ में दे दिया, मैंने दोबारा से B4U चैनल लगा दिया। अब वो देख नहीं रही थी, लेकिन मुस्कुरा रही थी।

फिर गाने के आखरी में उन्होंने एक बार अपना सर उठाकर देखा और फिर मुस्कुराकर नीचे कर लिया। अब जहाँ तक में उनसे ऐसी बात करने को डरता था, तो यह बातें करने के बाद मुझे पता चला कि उनके दिल में भी मेरे लिए कोई हसरत थी और उनकी मुस्कुराहट इस बात की गवाह थी। फिर गाना ख़त्म हुआ, उन्होंने कहा कि देख लो ख़त्म हो गया क्यों तुम्हें कुछ नहीं मिला? फिर मैंने उनको कहा कि मिलता तो कुछ भी नहीं बस दिल को थोड़ी सी तसल्ली मिलती है। अब वो मेरी यह बात सुनकर मुस्कुराकर बोली कि यह तसल्ली नहीं सिर्फ़ बैचेनी होती है। अब मैंने कहा कि इसका मतलब आपको इन बातों की बड़ी समझ है, वो मुस्कुराकर बोली कि इसमें समझ की क्या बात है? यह तो सीधी सी बातें है। अब सब ठीक चल रहा था, अब वो मुझसे मेरी उम्मीद से ज्यादा खुलकर बातें कर रही थी और बस फिर ऐसे ही बातें करते-करते घंटी बजी और भाई आ गये और मैंने जाकर दरवाज़ा खोल दिया। फिर ऐसे ही कुछ दिन गुज़र गये, तभी मुझे पता चला कि कल घर पर सिर्फ़ भाभी के साथ में अकेला ही रहूँगा, क्योंकि मेरी माँ-पापा के साथ शहर से बाहर जा रही थी और भाई काम पर।

अब में वो बात सुनकर बहुत खुश हो गया और उसी दिन मैंने अपनी भाभी से यह बात कहीं कि भाभी मुझे आपसे एक बात करनी है। फिर उन्होंने पूछा कि हाँ बोलो? तब मैंने कहा कि नहीं में अकेले में वो बात आपसे करना चाहता हूँ। अब उनके दिल में भी यह बात थी कि कल हम अकेले होंगे, तब उन्होंने कहा कि चलो ठीक है कल कर लेना, हम कल अकेले ही होंगे और फिर मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है। फिर दूसरे दिन जब घर के सभी लोग चले गये, तब में उनके कमरे में चला गया और मैंने देखा कि वो उस समय उल्टी लेटी हुई थी। अब उसकी सेक्सी गांड को देखकर में पहले ही गरम हो चुका था, तभी वो मुझे देखकर अचानक से उठकर बैठ गयी। फिर मैंने उनसे बात करते हुए कहा कि मेरी एक गर्लफ्रेंड है और में उसको जब कोई घर ना होगा तब अपने घर पर लाना चाहता हूँ, प्लीज आप यह बात किसी से ना कह देना। अब उन्होंने कहा कि हाँ ठीक है, में किसी से यह बात नहीं कहूँगी और फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम उसको घर में लाकर क्या करेगा? मैंने कहा कि में तब वो बात सोच लूँगा, अभी तो मुझे कुछ भी पता नहीं है। अब वो मुझसे पूछने लगी कि उसकी उम्र क्या है? तब मैंने कहा कि 23 साल।

दोस्तों मैंने उनसे खुलकर बात करने के लिए यह सब झूठ बोला था। अब वो यह बात सुनकर मुस्कुराकर बोली मुझे तुम्हारे इरादे ठीक नहीं लग रहे है आतिफ। तभी में भी मुस्कुराकर बोला कि नहीं भाभी जान इसी को तो ठीक इरादा कहते है। अब वो बोली कि मुझे तुम सच-सच बताओ कि उसको तुम घर क्यों लाना चाहते हो? तब में फिर से वही बात उनको बोला, लेकिन उसने मुझे बहुत उकसाया था। फिर मैंने सोचा कि यह कहकर बात करने का एक बहुत अच्छा मौका है, मैंने धीरे से कह दिया कि में उसको एक बार चूमना प्यार करना चाहता हूँ। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर मुस्कुराई और पूछने लगी कि चूमने के बाद क्या करोगे? तो में वो बात सुनकर शरमा गया और शरारती अंदाज़ में कहा कि आप मेरे मुँह से सुनना क्या चाहती है? तब उन्होंने कहा कि जो तुम चाहते हो। फिर मैंने उनकी इस बात को तुरंत समझ लिया और में झट से समझ गया कि वो मुझे न्योता दे रही है। तभी मैंने हिम्मत करके कह ही दिया कि में और वो सेक्स करेंगे। अब मेरे मुहं से यह बात सुनकर उन्होंने जल्दी से अपने मुँह पर हाथ रखा और बाद में मुस्कुराकर वैसे ही लेट गयी। फिर मैंने पूछा कि भाभी क्या हुआ? मैंने आपको सारी बात बता दी है।

अब वो शरमाकर बोली कि तुम तो मुझे ऐसे नहीं लगते थे? तब में बड़ा ही शर्मिंदा हुआ और बोला कि इसमें क्या बुरी बात है? हर इंसान के चरीत्र में कोई ना कोई ऐसा मामला होता है और शायद आपके साथ भी हुआ हो। अब उन्होंने इस बात पर शरमाकर बड़े अंदाज़ से मेरी छाती पर हल्का सा मुक्का मारकर मुस्कुराकर कहा कि दफ़ा हो, मेरे साथ शादी से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। फिर मैंने मुस्कुराकर मज़ाक करते हुए कहा कि शादी के बाद तो हो गया ना। अब वो दोबारा से मुस्कुराई और उन्होंने मुझसे कहा कि तुम बहुत शरारती हो आतिफ। तब मैंने कहा कि हाँ बिल्कुल। फिर उन्होंने कहा कि तुम बेफ़िक्र रहो में इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताउंगी और अगर तुम्हें कोई और काम के लिए मेरी मदद चाहिए होगी, तो में तुम्हारी एक अच्छी दोस्त की तरह मदद जरुर करूँगी। फिर उसी समय मैंने सही मौका देखा और तुरंत कहा कि हाँ बिल्कुल मुझे आपकी बड़ी मदद चाहिए और उसके बिना में कुछ भी नहीं कर सकता। अब उन्होंने पूछा कि किस काम के लिए तुम्हे मेरी मदद चाहिए? मैंने कहा कि अब सिर्फ़ आपसे यह चाहिए और फिर में जरा रुककर बोला कि आप तो एक शादीशुदा है और आपको सेक्स का भी बहुत अच्छा अनुभव है, बस आप मुझे कुछ सलाह दीजिए, क्योंकि यह मेरा पहला सेक्स है।

अब वो शरमाकर बोली कि देखो यह तो एक छोटी सी बात है, जो तुम मुझसे पूछ रहे हो। फिर मैंने कहा कि मुझे यह छोटी सीधी नहीं बड़ी कठिन बात लगती है। फिर वो कहने लगी कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड को पता होगा, वो तुम्हें कुछ मुश्किल नहीं होने देगी। दोस्तों बस अब में समझ गया था कि भाभी मेरी बात का अच्छा बराबरी से साथ दे रही है, मैंने उनसे कहा कि वो जानती है, लेकिन में नहीं जानता। अब उन्होंने शरमाकर कहा कि मुझे कुछ नहीं पता। फिर मैंने कहा कि प्लीज आप मुझे बताइए ना, तब वो ना बोली और मैंने बार-बार पूछा, तब वो मान ही गयी और बताने लगी और बहुत शरमा भी रही थी। फिर वो बोली कि चूमना वगैराह करना, मसलना सहलाना और बस फिर कर लेना। अब में उनकी वो बात सुनकर बहुत हंसा और कहा कि जो बात पूछी थी वो तो बताई ही नहीं। तभी उन्होंने बड़े अंदाज़ में कहा कि आतिफ, में तुम्हें कैसे बताऊँ? अब इतनी सारी बातें करने के बाद मुझमें बड़ी हिम्मत आ गयी थी, मैंने कहा कि जैसे आप करती है वैसे ही बता दो। फिर वो मेरी इस बात पर नहीं मुस्कुराई और बड़े ही आराम से बोलकर कहा कि तुम बहुत जिद्दी हो और वो खामोश हो गयी।

फिर मैंने कहा कि क्या सोच रही हो? तब वो मेरी तरफ देखकर शरमाकर बोली कि जो तुमने पूछा है। बस फिर दोस्तों मैंने एक दो बार और पूछा। तब वो बताने लगी कि ऐसे-ऐसे करना और ऐसे-ऐसे करना, यह बड़ी लंबी बात है और इसलिए आपको जरा छोटी ही बता रहा हूँ। फिर उन्होंने जब सारी बात बताई तो वो खुद भी अपने मन को काबू में कर रही थी और अब उनकी आवाज भी बड़ी मीठी हो चुकी थी। फिर उनकी सारी बात को सुनकर मैंने हंसकर जानबूझ कर कहा कि भाभी यह क्या बताया आपने? इससे ज्यादा अनुभव तो मुझे है। अब वो नाराज होकर बोली कि तो तुम मुझसे क्यों पूछ रहे थे? मैंने कहा कि मुझे नहीं था पता था कि आप ऐसे करती है। तब वो बहुत शर्मिंदा हुई और नीचे देखने लगी थी। फिर मैंने मज़ाक में कहा कि भाभी अगर आपको कोई टिप या अच्छा कुछ चाहिए हो, तो में आपको इससे भी अच्छी दे सकता हूँ। अब वो मुझसे बोली कि हाँ तुम्हारे तो दस बच्चे है ना। फिर मैंने कहा कि भाभी मेरी जान ऐसी बात नहीं है, में मज़ाक नहीं कर रहा सेक्स में मुझे आपसे ज्यादा अनुभव है।

अब वो मेरी यह बात सुनकर बोली कि बताओ तो सही अपना अनुभव, में भी तो देखूं क्या और कैसा है तुम्हारा वो अनुभव? फिर मैंने उसी समय सही मौका देखकर उनको बड़ी ही जबरदस्त बात कहीं कि भाभी मेरी जान आप बताने की बात करती है, आइए में आपको करके भी दिखाता हूँ। अब वो चकित होकर पूछने लगी कि क्या दिखाते हो? अब मैंने कहा कि कम्पूटर पर। तब उन्होंने आधा बोलते हुए कहा कि फिल्म में। फिर मैंने कहा कि नहीं सेक्सी फिल्म में और वो मुस्कुराई और खुश होकर कहा कि चलो। फिर में उनको पास वाले कमरे में ले आया और कम्पूटर पर एक बड़ी अच्छी सेक्सी फिल दिखाई और उस फिल्म को देखने के दौरान मैंने उनसे बहुत सारी सेक्सी बातें कि और में उनके साथ एकदम खुलकर बातें करने लगा था। अब वो भी फिल्म को देखकर मेरे साथ खुल गयी थी, वो फिल्म चल रही थी और तभी वो मीठी सी आवाज में बोली कि आतिफ इस तरीक़े से हमने आजतक सेक्स नहीं किया, यह देखने में इतना मज़ा आया है तो करने में कितना मज़ा आएगा? फिर मैंने मज़ाक में कहा कि तो आज एक बार करके भी देख लो भाभी आपको किसने मना किया है? मेरी यह बात सुनकर वो बिल्कुल भी नाराज नहीं हुई और एक मुस्कुराहट दी।

फिर में तुरंत समझ गया कि अब मेरी भाभी तैयार है। दोस्तों मेरा यह प्लान कोई एक दो पल का प्लान नहीं बल्कि पूरे दो साल का प्लान है, जो मैंने अपनी भाभी के लिए इतनी मेहनत और सोच से तैयार किया था कि में उसकी वजह से दो बार एग्जॉम में फैल भी हो गया था। अब में अभी उनकी ही तरफ देख रहा था और तभी उन्होंने फिल्म से अपनी नजर को हटाकर मेरी आँखों में देखा और कहा कि आतिफ जो बात तुम्हारे दिल में है सच-सच बोलो। दोस्तों पहले तो में डर गया और फिर सोचा कि जो मेरे साथ बैठकर सेक्सी फिल्म देख रही है, वो तो कभी भी मना नहीं कर सकती। बस फिर क्या था? दोस्तों मैंने हिम्मत करके बड़े ही शायराना अंदाज़ में कह दिया कि आयशा मैंने आजतक तुम्हारे जैसा सेक्सी बदन फिल्म में तो क्या असली में भी नहीं देखा है? और यह मैंने गर्लफ्रेंड वाला सारा ड्रामा तुमसे बात करने के लिए था। फिर मेरी यह बात सुनकर तो वो जैसे ज़िंदा हो गयी और बोली कि चलो भले ही ड्रामा था, मेरे लिए यह ड्रामा बड़ा अच्छा है, तुम कुछ दिन पहले कर लेते तो आज में तुमसे बड़े मज़े से सेक्स करती।

अब में उनकी यह बात सुनकर तो पहले मज़ाक समझा, लेकिन फिर मैंने पूछा कि पहले का क्या मतलब? अब नहीं करोगी क्या? तब वो बोली कि आतिफ में भी तुमसे सेक्स करना चाहती हूँ, लेकिन में अपने बच्चे से बहुत प्यार करती हूँ जो मेरे पेट में है। अब में उनकी यह बात सुनकर समझ गया कि क्यों उन्होंने ऐसा मुझसे कहा कि कुछ दिन पहले कर लेते? बस फिर मैंने उनकी चुन्नी को पकड़कर उतार दिया और सामने वाले कुर्सी से उनको उठाकर अपनी गोद में बैठा लिया, मैंने पहली बार उनकी सेक्सी गांड को छुकर महसूस किया था। फिर मैंने उन्हें अपनी गोद में बैठाया और उनके दोनों हाथ पीछे से पकड़कर उनकी गर्दन पर चुम्मा किया। तब उसने मुझसे अपना हाथ छुड़ाया और अपने पीछे लेकर मेरी गर्दन के पीछे डाल दिया और मेरी गर्दन को मसलने लगी। अब मुझे थोड़ा सा जोश आ गया तो मैंने जल्दी से कम्पूटर को बंद किया और कालीन पर अपने दोनों पैरों को सीधा करके सोफे पर टिका दिया और उसका मुँह अपनी तरफ करके उसका एक पैर इधर और दूसरा पैर उधर करके अपनी गोद में बैठा लिया। अब उनकी आँखों में बड़ी ख़ुशी थी, लेकिन मुझसे कम ही थी। फिर मैंने जल्दी से उनके बाल खोलकर अपने एक हाथ से लहराए और अपने दूसरे हाथ से उनका हाथ पकड़ा हुआ था।

अब मैंने अपने एक हाथ को वही उसकी गर्दन के पीछे रखा और अपनी उंगलियाँ उनके बालों में डालकर उनके होंठो को अपने होंठो के करीब लेकर आया और बड़ी बेबसी से उनके होंठो को अपने दोनों होंठो के बीच में लेकर चूसने लगा। अब मेरा इतना जोश देखकर भाभी परेशान थी, फिर मैंने उनको वही पर लेटा दिया और उनकी कमीज को उतार दिया। दोस्तों उनका शरीर ऐसे चमक रहा था, जैसे वो चाँद हो और बूब्स तो मेरे लिए सोने चाँदी से बढ़कर थे। फिर मैंने बड़े प्यार से उनकी ब्रा को उतार दिया जिसकी वजह से मेरी प्यारी भाभी एक बार दोबारा मुस्कुराकर शरमाई। फिर में पहले बहुत देर तक यह नजारा साथ बैठकर उनकी आँखों में अपनी आंखे डालकर देखता रहा। तभी उनकी मीठी सी आवाज ने फिर से मुझे आपे से बाहर कर दिया, आतिफ क्यों सता रहा है? अब मैंने उनके बूब्स को बहुत दबाया चूसा तो उनकी मीठी-मीठी आवाजे जो इस दौरान निकली थी, वो मुझे दुगुना मज़ा दे रही थी। फिर बहुत देर तक यह सब करने के बाद मेरा लंड फटने वाला हो गया और मैंने सेक्स के लिए फिर से कहा। अब उन्होंने कहा कि आतिफ डॉक्टर ने मना किया हुआ है, बेबी को नुकसान हो सकता है तुम्हारा भाई भी आजकल परहेज कर रहा है। अब मैंने कहा कि डॉक्टर ने चूत में सेक्स करने के लिए मना किया है गांड में तो नहीं।

फिर वो हंसकर बोली कि ठीक है जैसा तुम चाहो और मैंने उनकी सलवार को उतारा और उनकी पेंटी को भी उतार दिया। अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी, उसकी गांड इतनी सेक्सी थी कि मैंने आज तक इतनी सेक्सी गांड नहीं देखी थी, वो पतली सी कमर, उनकी गांड का आकार 38 के करीब था। फिर मैंने उन्हें कुतिया वाले आसन में होने को कहा, तब वो बोली कि नहीं पेट में दर्द होगा, में उल्टी लेट जाती हूँ और तुम ऊपर लेटकर अपना लंड अंदर डाल दो। फिर मैंने ऐसा ही किया, जब वो लेट गयी तब मैंने अपना एक पैर इधर और एक पैर दूसरी तरफ रखकर पहले अपने दोनों हाथों से उनकी गांड को खोला, तो वो अंदर से बिल्कुल गुलाबी थी और मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि आज में भाभी की गांड में अपना लंड डालने जा रहा हूँ। फिर मैंने अपना थोड़ा सा थूक उनकी गांड के छेद पर डाला और फिर अपना लंड उनकी गांड के छेद पर रखकर उनके ऊपर लेट गया और अपना हाथ उनके बूब्स पर ले गया। अब मेरे होंठ उनकी गर्दन पर थे, मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तब मुझे ऐसा लगा कि जैसे में लोहे के सरिये में अपना लंड डाल रहा हूँ, उनकी गांड बहुत टाईट थी।

फिर जब मेरे लंड का टोपा थोड़ा सा अंदर चला गया तब भाभी के मुँह से सीईईईईइ सीईईईईईइ की आवाज निकली और उन्होंने जल्दी से अपने हाथ से मुझे पीछे करने की कोशिश कि। अब मैंने पूछा कि क्या हुआ? तब उन्होंने कहा कि आतिफ प्लीज बाहर निकाल लो, जल्दी करो, लेकिन मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और उनके हाथ को अपने हाथ से पकड़कर आगे कर दिया, लेकिन वो फिर भी कह रही थी कि आतिफ नहीं अंदर नहीं डालना, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। दोस्तों अगर किसी लड़की को ऐसे ही लेटाकर उसके दोनों पैरों को एक साथ जोड़कर उसकी गांड में आप अपना लंड डाल दो तब उसको बड़ा तेज दर्द होता है। फिर मैंने उसको कहा कि अभी ठीक हो जाएगा, अब मेरे टोपे का जितना हिस्सा उनकी गोरी गांड के गुलाबी छेद के अंदर था, उस पर ऐसा लग रहा था जैसे कोई आग लगी है। तो बस फिर मैंने अपनी प्यारी भाभी की गांड में अपना लंड आगे करना शुरू किया, जब मेरे लंड के टोपे का सबसे मोटा हिस्सा उनकी गांड के अंदर जाने वाला था, तब उन्होंने अचानक से एक धीरे से चीख मारी और अपनी गांड को बंद करने की कोशिश में नीचे की तरफ दबाने लगी, जिसकी वजह से उनकी गांड और टाईट हो गयी थी। अब मेरा लंड थोड़ा सा आगे चला गया, वो दर्द की वजह से अपने मुँह को इधर उधर कर रही थी और मुझसे कहती आह्ह्ह आतिफ।

अब मेरा लंड उनकी गांड में पूरा समा गया था, लेकिन उनका हाल दर्द से बुरा हो गया था और उनकी आँखों से आसूं बहने लगे थे, लेकिन में रुकने वाला नहीं था। अब मेरे लंड को ऐसा लग रहा था कि सच में गरम पानी में डुबोया हुआ है। फिर जब मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू किया, तब दर्द से उन्होंने अपना एक हाथ मुझसे छुड़ाकर जल्दी से अपने मुँह पर रख लिया। अब उनके आसूं लगातार आ रहे थे, लेकिन वो रो नहीं रही थी बस अपने मुँह को खीचा हुआ था और दर्द को सहने की कोशिश कर रही थी। दोस्तों उनको इतना दर्द इसलिए हो रहा था, क्योंकि आज तक उन्होंने कभी अपनी गांड में लंड नहीं डलवाया था और उनकी वो गांड अब तक वर्जिन थी। अब जब मेरा लंड दूसरी बार उनकी गांड में जा रहा था तब मुझे पहले से ज्यादा चिकना लग रहा था और में तुरंत समझ गया था कि यह चिकनाई भाभी की गांड के अंदर से मेरे लंड को लगी है। अब मुझे और भी मज़ा आने लगा था, मैंने अपने होंठ उनकी गर्दन पर रखकर उनकी गर्दन को और ज़ोर से दबाकर चूमा और पीछे से उनकी गांड में अपने लंड से लगातार धक्के दे रहा था। अब मेरे हाथ उनके बूब्स पर थे, जो उनके वजन से नीचे दबे हुए थे और मैंने अपने एक हाथ से उसके बूब्स को एक तरफ निकालकर मसलना शुरू किया।

अब उनकी आंखे अभी तक दर्द से बंद थी और उनकी नाक दर्द से लाल हो गयी थी, में उनके गालों पर और गर्दन पर बार-बार अपने होंठ फैर रहा था। फिर जब भाभी की गांड का छेद ढीला हो गया, तब उनका दर्द कम हो गया और उनकी तरफ से मुझे साथ मिलने लगा। फिर जब उनको मज़ा आने लगा तब वो अपनी गांड को मेरे हर धक्कों के साथ-साथ आगे पीछे करने लगी। अब मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था, में उनकी गांड में अपने लंड का पानी अभी तक नहीं डाल सका था। तभी मैंने उनके मुँह से सुना कि आतिफ रूको, में तुम्हारा लंड अपनी चूत में डालना चाहती हूँ। अब तो मैंने बड़ी हैरानी से कहा कि लेकिन बेबी? तो उन्होंने कहा कि में कुछ नहीं जानती, बस मेरी चूत को फुक करो। फिर में मान गया और अपने लंड को उनकी गांड से बाहर निकालकर उनको सीधा लेटा लिया और मैंने देखा कि उनकी चूत बिल्कुल कुंवारी लग रही थी, उनकी चूत पर बहुत छोटे-छोटे और काले बाल थे और उनकी चूत बड़ी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उनके दोनों पैर चौड़े किए और अपना लंड उनकी चूत के छेद के ऊपर रखकर पहले उनके ऊपर लेट गया और फिर उनकी कमर में अपना हाथ डालकर फिर थोड़ा ज़ोर लगाया। अब बड़े आराम से मेरा लंड फिसलता हुआ अंदर चला गया और मुझे महसूस हुआ कि उनकी गांड के मुक़ाबले चूत ज्यादा चिकनी थी।

अब हमारे होंठो एक दूसरे के होंठो में थे और उनकी कमर में मेरे दोनों हाथ थे और मेरी कमर में उनके हाथ थे। अब वो अपने होंठो से मेरे होंठो को चूसकर ऐसा मज़ा दे रही थी कि जैसे मुझे वो अपने होंठो से अपने अंदर लेना चाहती है। अब आपको जल्दी से बात सुना दूं वरना सुबह तक यह ख़त्म नहीं होगी। फिर सेक्स करते-करते भाभी की बाहों में लिपटे हुए उनके होंठो को चूसते हुए उनकी चूत को धक्के देकर चोदते हुए मैंने एक गलती यह कर दी कि मैंने उनकी चूत में ही अपना वीर्य निकाल दिया। अब वो गर्भवती तो पहले से ही थी, लेकिन इससे एक समस्या हो सकती है मतलब कि दो बच्चे जन्म ले सकते है। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया, लेकिन वो अभी तक ठंडी नहीं हुई थी और उन्होंने अपनी उंगली से अपना काम पूरा किया। फिर मैंने उनको बताया कि मेरा वीर्य तुम्हारी चूत के अंदर चला गया है। तब उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं मेरे पास गोलियाँ है में ले लूँगी। फिर जल्दी से मैंने और उसने टॉयलेट में जाकर अपने आपको साफ किया और थोड़ी देर तक चुम्मे करते रहे। दोस्तों उसके बाद में अपनी पहली चुदाई की वजह से पागल हो गया मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा और ऐसे ही वो पूरा समय गुजर गया बस अब वो एक महीने के बाद बच्चे को जन्म देगी, जिसके बाद मेरे मज़े ही मज़े है।

दोस्तों यह था मेरे जीवन का सच अपनी भाभी की पहली चुदाई अब इसके बाद भी मेरे पास आपकी सेवा में हाजिर करने के लिए कुछ ऐसा हुआ तो में जरुर लिखकर तैयार करूंगा, क्योंकि अब तक मैंने दोबारा कुछ भी उनके साथ अब तक नहीं किया मुझे बस बच्चे होने का इंतजार है ।।

धन्यवाद …


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