बरसात में बहन की चुदाई

प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, आप सभी कैसे हो? में उम्मीद और भगवान से हमेशा बस यही प्राथना करता रहूँगा कि आप सभी कामुकता डॉट कॉम के पाठक हमेशा स्वस्थ रहे आप लोगों को कोई परेशानी ना हो। मेरी उम्र 25 साल है, मेरे दो बहने है पहली की उम्र 18 साल और दूसरी बहन की उम्र 21 साल है। दोस्तों मैंने अपनी पिछली कहानी में आप सभी को बताया था कि मैंने अपनी छोटी बहन जिसका नाम सोम्या है उसको कैसे होटल में ले जाकर चोदा? अब में आप सभी को बताने जा रहा हूँ कि मैंने अपनी दूसरी बहन नमिता को कैसे बरसात में चोदा? यह घटना अभी कुछ दिनों पहले की है, उस दिन मेरे मम्मी-पापा किसी जरूरी काम से कहीं बाहर गये हुए थे।

अब में अपने घर में बिल्कुल अकेला था, उस समय मेरी छोटी बहन नमिता जिसकी उम्र 21 साल है वो उस समय कॉलेज गई थी और छोटी बहन सोम्या जिसकी उम्र 18 साल है वो अपनी किसी सहेली के पास अपने काम से गई थी, क्योंकि उसको अगले दिन अपने हॉस्टल भी जाना था। अब उस दिन में अपने कमरे में बैठकर चैटिंग कर रहा था, तभी उसी समय मैंने बाहर देखा तो आसमान में बड़े घने बादल मुझे साफ नजर आ रहे थे और इसलिए मैंने फोन करके अपनी दोनों बहन नमिता और सोम्या से बात करना शुरू किया। फिर तब सोम्या ने मुझसे कहा कि वो शाम तक वापस आएगी, लेकिन नमिता ने कहा कि बस थोड़ी ही देर में वो घर आ जाएगी उसको घर आने में बस थोड़ा सा समय लगेगा। अब मैंने बात खत्म करके बाहर निकलकर देखा तभी उसी समय बड़ी ज़ोर से बारिश आना शुरू हो गई, मुझे बरसात में नहाना बहुत अच्छा लगता है और इसलिए में तुरंत छोटी पेंट पहनकर छत पर चला गया और बारिश में भीगकर बारिश का मजा लेने लगा। तभी थोड़ी देर में दरवाजे की घंटी बजी, में उसी हालत में ही नीचे चला गया और मैंने दरवाजे को खोलकर देखा तो मैंने पाया कि दरवाज़े पर नमिता खड़ी हुई है और वो भी पूरी तरह से भीगी हुई है।

फिर जब मैंने दरवाज़ा खोला, तब वो अपने दुपट्टे को हाथ में लेकर उसको निचोड़कर उसका पानी निकाल रही थी और इसलिए अब उसके बूब्स मुझे साफ-साफ नजर आ रहे थे। अब पानी में भीगने की वज़ह से उसके पूरे कपड़े उसके गोरे बदन से चिपके हुए थे। अब मैंने देखा कि उसकी काले रंग की ब्रा उसके गुलाबी रंग के गीले सूट से मुझे साफ-साफ नजर आ रही थी और उसके बूब्स उस सूट के ऊपर से आधे बाहर उभरे हुए गोल नजर आ रहे थे। अब मुझे तो वो द्रश्य देखते ही एक अजीब तरह की मदहोशी छाने लगी थी और मेरा लंड भी जोश में आकर धीरे धीरे खड़ा होने लगा था। अब वो अंदर की तरफ आ गई, तब मैंने पीछे से उसके कूल्हों को बड़ी गौर से देखा, वाह क्या मस्त? एकदम गोल-गोल और आकर्षक नजर आ रहे थे। फिर में उसके पीछे-पीछे अंदर गया और मैंने उसको पूछा कि तुम्हे इतने तेज ठंडे पानी में भीगने की क्या जरूरत थी? तब नमिता ने कहा कि में घर के पास ही थी तभी ज़ोर से पानी आना शुरू हो गया इसमे मेरी कोई गलती नहीं है और वैसे भी मुझे पानी में भीगना अच्छा लगता है। अब मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है, में छत पर बरसात में नहाने जा रहा हूँ और यह बात उसको कहकर में ऊपर आ गया और नहाते हुए भी में नमिता के बदन उसके बूब्स के बारे में सोचने लगा था।

तभी मैंने देखा कि नमिता भी ऊपर आ गई और वो भी पानी में भीगने लगी थी। अब पानी अपने पूरे ज़ोर से बरस रहा था और में तो यही चाह रहा था कि वो भी ऊपर आ जाए। अब में नमिता से अपनी नजरे बचाकर उसके भीगे हुए गोरे चिकने बदन को घूरकर देख रहा था, मैंने देखा कि उसके गुलाबी रसभरे होंठ एकदम लाल हो चुके है और उसके आधे सुडोल बूब्स उसके सूट से बाहर निकलने को बेताब है और उसके चिकने गदराए हुए पैर एकदम मस्त लग रहे थे। अब मेरा तो मूड खराब होने लगा था, मैंने सोचा कि अब तक अपनी प्यारी बहन को झासा देकर चोदा है, लेकिन आज के साथ साथ असली मज़ा भी लिया जाए। दोस्तों इसके पहले भी में नमिता को रात में पांच बार चोद चुका था। फिर जो होगा देखा जाएगा और यह बात सोचकर मेरा लंड खड़ा होने लगा था। अब इधर नमिता पूरी मदहोशी में भीग रही थी, थोड़ी ही देर में मेरा लंड मेरी उस छोटी पेंट में खड़ा हो गया था और उसके ऊपर से साफ-साफ नजर आ रहा था। फिर मैंने देखा कि नमिता की नजर मेरी पेंट पर पड़ी उसने देखा और फिर वो थोड़ी सी मुस्कुराकर भीगने में मस्त हो गई। अब उसके पूरे बदन पर बरसात का पानी पड़ रहा था और उसकी आंखे एकदम लाल होती जा रही थी और इधर मुझसे वो सब देखकर रहा नहीं जा रहा था।

फिर में धीरे से नमिता के पीछे चला गया और उसको मैंने पीछे से उसकी कमर में हाथ डालकर उठा लिया और अब इस काम की वजह से मेरा लंड उसकी गांड से एकदम सट गया था। तभी नमिता तुरंत मुझे झटकाते हुए अलग हो गई और कहने लगी कि यह आप क्या कर रहे हो भैया? मैंने उसको बोला कि नमिता आज तुम गजब की लग रही हो, में तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ, क्योंकि में तुम्हें बचपन से चाहता हूँ और तुमसे प्यार करना चाहता हूँ। तभी नमिता मेरे मुहं से पूरी बात को सुनकर एकदम चकित हो गई वो मुझसे कहने लगी कि भैया क्या आपको शरम नहीं आती अपनी बहन के बारे में यह सब सोचते हुए? मैंने उसको कहा कि मेरी रानी जब तुम्हें मेरा लंड देखने में और मेरे सामने आधे बदन नहाने में शरम नहीं आ रही, तो मुझे कैसे आएगी? और यह बात उसको बोलकर मैंने उसके चेहरे को पकड़कर अपने होंठ उसके होंठो से सटा दिए और ज़ोर से उसके होंठो को चूसने लगा और अपने एक हाथ से उसके कूल्हों को दबाने लगा और दूसरी तरफ से मैंने अपने एक हाथ से उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया। अब मैंने नमिता को ज़ोर से कसकर पकड़ा और वो लगातार मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मेरी मजबूत पकड़ से वो छूट ना सकी और में बस तीन मिनट तक उसके होंठो को चूसता रहा और उसकी गांड को दबाता रहा।

दोस्तों क्या बड़े ही मस्त कूल्हे थे उसके? मज़ा आ गया और अब मुझे तो असली जन्नत जैसा महसूस होने लगा था। फिर मैंने कुछ देर बाद देखा कि अब कुछ-कुछ नमिता भी कमज़ोर पड़ती जा रही थी, क्योंकि मैंने उसको बड़ी ज़ोर से पकड़ा था। दोस्तों पानी अभी भी पूरी रफ़्तार में बरस रहा था, उसी समय मैंने नमिता के होंठो को छोड़कर में उसके बूब्स को उसकी कमीज के ऊपर से ही दबाने और चूसने लगा। अब में पूरे जोश में आता जा रहा था, मैंने नमिता की कमीज को उठाकर और अपना एक हाथ उसकी समीज में डालकर उसकी ब्रा में अपना एक हाथ डाल दिया और में उसको सहलाने लगा। अब नमिता सिर्फ़ मुझे “छोड़ दो भैया यह सब बहुत गलत है, बस यही बोले जा रही थी, लेकिन अब में उसकी वो सभी बातें कहाँ सुनने वाला था? अब में तो अपनी धुन में ही था और उसकी गांड और बूब्स को दबाए जा रहा था, में उसकी सलवार को नीचे से पकड़कर अपने हाथों से खींचने लगा और फिर मैंने उसकी सलवार को नीचे से ज़ोर से खीचकर उतार दिया। अब उसके गोरे गदराए हुए नंगे पैरों को देखकर मुझे और भी जोश आ गया, में उसके पैरों को चूमता हुआ उसके पैरों पर पड़ने वाली बूँदो को चूस रहा था और अपनी जीभ से उसकी चिकने पैरों को और उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी चूत को चूम रहा था।

फिर में पांच मिनट तक उसके पैरों को चूमता रहा और अब नमिता को भी मज़ा आने लगा था। अब वो सिर्फ़ अपनी आँखों को बंद किए थी, मैंने तुरंत उसकी समीज भी ऊपर से खींचकर निकाल दी और उसको जमीन पर लेटा दिया। दोस्तों हमारी छत के चारों तरफ से दीवार होने की वजह से हमे कोई भी आसपास के लोग नहीं देख सकते थे। अब मेरी प्यारी बहन नमिता मेरे सामने ब्रा-पेंटी में थी, में उसके गोरे बदन को देखकर पागल हो गया था, क्योंकि एक तो उसका वो गोरा और चिकना बदन और उसके ऊपर से पानी का पड़ना, में क्या बताऊँ दोस्तों उसका वो गजब का जिस्म क्या मस्त लग रहा था? फिर मैंने पहले उसके गोरे मुलायम पेट को चूमा और चूमते हुए में उसके बूब्स की तरफ बढ़ गया। फिर मैंने अपने एक हाथ से नमिता के बूब्स को दबाना शुरू किया और नमिता के होंठो को चूसने लगा। अब नमिता थोड़ी जोश में आ गई और उसके मुहं से सीईईईईईइ ऊईईईईईइ की आवाज आ रही थी। फिर मैंने नमिता की ब्रा को ऊपर से खोलकर दोनों बूब्स को आज़ाद कर दिया। अब उसकी वो टाईट ब्रा के खुलते ही उसके प्यारे और मस्त बूब्स आज़ाद हो गए।

फिर में उसजे बूब्स के निप्पल को दबाने लगा और बीच-बीच में उसको चूस और काट भी रहा था और कुछ देर बाद में धीरे-धीरे उसके पूरे बदन को चूमते हुए नमिता की जाँघो के पास आ गया और नमिता की गुलाबी पेंटी को खींचकर मैंने उतार दिया। फिर मैंने जैसे ही उसकी पेंटी को उतारा नमिता ने अपने दोनों पैरों को मोड़ लिया जिसकी वजह से उसकी चूत जांघो के बीच में छुप गई। दोस्तों पानी अभी भी उसी गति से आ रहा था, मैंने नमिता के दोनों पैरों को ज़ोर लगाकर एक दूसरे से अलग किया और देखा कि नमिता की चूत गुलाबी और बड़ी ही टाईट नजर आ रही थी और उस पर काले रंग के हल्के-हल्के बाल थे। अब में उसकी चूत को चूमने लगा, मैंने नमिता रानी की गुलाबी चूत की दोनों फांको को दूर किया और उसको अपनी ज़ीभ से चाटने लगा था, वाह क्या मस्त स्वाद था मेरी बहन की चूत का? अब में उसकी चूत को लगातार चूसता ही जा रहा था, मैंने देखा कि अब नमिता भी जोश में आ चुकी थी और उसके मुँह से आह्ह्ह्ह ऊहह्ह्ह्हह की आवाजे निकल रही थी। फिर करीब दस मिनट तक नमिता की चूत चूसने के बाद मैंने नमिता की टाईट चूत में अपनी एक उंगली को डालकर ऊँगली से चुदाई करना शुरू कर दिया।

अब नमिता मेरे हाथ को पकड़कर ऊँगली को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैंने उसके हाथों को हटाए रखा और उसकी चूत में वैसे ही ऊँगली करता रहा। फिर मैंने देखा कि उसकी चूत से सफ़ेद रंग का पानी निकल रहा है तभी में तुरंत समझ गया कि मेरी रानी की चूत ने पानी छोड़ दिया है और में झट से नीचे झुककर उसको चाटने लगा। अब नमिता जोश मज़े की वजह से एकदम पागलों की तरह ऊह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह किए जा रही थी, मेरा सात इंच का लंड भी पूरी तरह से तनकर खड़ा हो गया था। अब मुझे आगे का काम करने में ज्यादा देरी करना उचित नहीं लगा और इसलिए मैंने नमिता के दोनों पैरों को उठाकर पूरा फैला दिया और फिर अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रखा और ज़ोर से एक धक्का मार दिया। अब मेरा आधा लंड मेरी प्यारी बहन नमिता की चूत में घुस गया, तभी नमिता के मुँह से दर्द की वजह से ज़ोर से चीख निकल गई आह्ह्ह्ह आहह्ह्ह ऊऊहहह्ह्ह मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है आह्ह्हहह भैया दर्द हो रहा है। अब आप इसको जल्दी से बाहर निकालो ऊफ्फ्फ्फ़ वरना में मर ही जाउंगी और फिर वो धीरे-धीरे रोने लगी थी।

फिर मैंने उसको कहा कि मेरी जान बस थोड़ी देर में तुम्हे भी मजा आने लगेगा और यह बात उसको कहकर में उसके ऊपर लेटकर उसके गुलाबी निप्पल को चूसने लगा और उसके बूब्स को दबाने लगा, लेकिन फिर भी नमिता अपने सर को हिला रही थी और मुझे अपने हाथों से पकड़कर हटाने की कोशिश कर रही थी और वो लगातार आहहह, ऊहह्ह्ह कर रही थी। अब मेरा आधा लंड नमिता की चूत में था और फिर मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और तभी मैंने नमिता की कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर ज़ोर से एक जबरदस्त धक्का लगा दिया। दोस्तों इस बार मेरा पूरा लंड नमिता की चूत में घुस गया, मैंने तुरंत अपने एक हाथ से उसके मुँह को दबा दिया, जिसकी वजह से नमिता की आवाज अंदर ही दबकर रह गई। फिर मैंने देखा कि अब उस दर्द की वजह से नमिता की आँखों से आसूं गिर रहे थे और वो ज़ोर-ज़ोर से अपनी कमर को हिला रही थी शायद उस वजह से मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकल जाए। फिर मैंने झुककर उसके आंसू को चूस लिया और फिर अपने होंठो को उसके होंठो से लगाकर उसके होंठो को चूसने लगा और थोड़ी देर तक ऐसे ही करने के बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकालकर एक ज़ोर का धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड नमिता की चूत में जड़ तक घुस गया।

अब मेरे लंड के बाल और उसकी चूत के बाल एकदम सट गये थे। फिर में पूरे जोश में धक्के देकर नमिता की चुदाई करने लगा था जिसकी वजह से नमिता के मुँह से सिर्फ़ सिसकियाँ निकल रही थी। अब वो आह्ह्ह्ह ऊहहहह ऊऊईईईईई किए जा रही थी और में उसको ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स को दबाते हुए उसकी चूत में अपने लंड को आगे पीछे किए जा रहा था। फिर मैंने करीब पांच मिनट तक लगातार चोदने के बाद मैंने देखा कि अब मुझे नमिता थोड़ी सी शांत नजर आ रही थी और वो अपनी दोनों आँखों को बंद करके आहह्ह्ह्ह ऊहह्ह्ह किए जा रही थी। फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला और नमिता की कमर को पकड़कर उसको कुतिया वाले आसन में कर दिया। अब नमिता अपने घुटनों के बल मेरे सामने कुतिया बन गई थी, क्योंकि अब में नमिता को उसकी गांड की तरफ से चोदना चाहता था जिसकी वजह में अब उसकी रसभरी गांड का भी असली मजा ले सकूँ। फिर उसके बाद में नमिता रानी की चूत में अपना लंड घुसाकर उसको पूरी रफ़्तार में चोदने लगा था और उसको चोदते समय मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा रहा था और मेरे आंड उसकी गोरी-गोरी गांड से छू रहे थे। अब में उस समय बिल्कुल हैवान के जैसा महसूस कर रहा था, करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना रस नमिता की चूत में ही डाल दिया।

अब में लगातार उन धक्कों की वजह से पूरी तरह से थक गया था, में नमिता के पास में जमीन पर लेट गया था और नमिता भी अपनी दोनों आँखों को बंद करके लेटी हुई थी। फिर मैंने लेटे हुए ही सोचा कि मैंने यह क्या कर दिया? अब पता नहीं नमिता क्या करेगी? तभी इतने में नमिता मेरी तरफ मुड़कर बोली कि भैया आप बहुत बेदर्दी की तरफ से करते हो क्या आपको धीरे धीरे करने में मज़ा नहीं आता? अब में यह बात सुनकर बड़ा हैरान था, क्योंकि मुझे लगा कि वो मुझे डांटेगी, लेकिन उसने अपनी तरफ से बिल्कुल भी नाराजगी गुस्सा नहीं दिखाया। फिर वो बोली कि भैया मुझे पता था कि रात को मेरे सो जाने के बाद आप हर कभी मेरे साथ यह सब करते हो और जब आप सेक्सी फिल्म देखते थे, तब मैंने भी छुपकर बहुत बार देखी। दोस्तों इस बात पर मैंने उसको पूछा कि तो तुमने कुछ बताया क्यों नहीं? नमिता कहने लगी कि भैया मुझे भी आपके साथ वो सब करने में बड़ा मस्त मज़ा आता था और यह बात कहकर वो मुझसे लिपट गई और मेरे गालों पर चुम्मा करने लगी। फिर थोड़ी देर में हम दोनों को ठंड लगने लगी और अब पानी भी हल्का-हल्का बरस रहा था और इसलिए हम दोनों सीढ़ियों पर आकर टावल से अपने बदन को साफ करने लगे।

तभी कुछ देर बाद नमिता को अपने सामने पूरी नंगी देखकर मुझे दोबारा से जोश आने लगा था और में पीछे से जाकर नमिता को दोबारा फिर से उसके मखमली बदन और उसकी मस्त गांड को चूमने लगा। अब नमिता प्यार से बोल रही थी छोड़ो ना भैया आप यह क्या कर रहे हो? अभी तक मन नहीं भरा क्या आपका? फिर मैंने उसको कहा कि मेरी जान तुमसे मेरा क्या कभी दिल भर सकता है? और अब में उसके पैरों और गांड को चूम रहा था। फिर थोड़ी देर तक उसके पूरे बदन को चूमने के बाद नमिता भी थोड़ी जोश में आ गई, में उसको बोला कि नमिता में इस बार तुम्हारी गांड भी मारूँगा। अब उसने ऐसा करने से साफ मना कर दिया और वो बोली कि नहीं भैया, में नहीं करवाऊँगी मुझे बहुत दर्द होता है। अब मैंने उसको बोला कि नहीं मेरी जान इस बार में धीरे-धीरे करूँगा तुम्हे इस बार दर्द कम होगा, में पूरा पूरा ध्यान रखकर यह काम पूरा करूंगा। फिर बहुत मन्नतें करने के बाद वो बोली कि हाँ ठीक है, लेकिन धीरे-धीरे करना, क्योंकि यह मेरा पहला अनुभव होगा गांड में मैंने पहले कभी नहीं लिया। फिर मैंने उसको कहा कि वो अपने एक पैर को दीवार के सहारे फैला दे। फिर उसने वैसा ही किया और फिर मैंने अपने लंड का टोपा उसकी चूत पर रखकर और उसकी कमर को ज़ोर से पकड़कर अपने लंड को घुसा दिया और में धक्के देकर उसको चोदने लगा था।

अब ऐसा करने से उसके मुँह से ज़ोर से आअह्ह्हह्ह्ह्ह ऊफफ्फ्फ्फ़ की आवाज निकल गई, में उसकी गांड को एक तरफ से खड़े-खड़े धक्के देकर चोद रहा था और नमिता मेरे बालों को और हाथों को पकड़कर आहहहह की आवाज निकाल रही थी। फिर करीब दस मिनट तक चोदने के बाद मैंने देखा कि नमिता ढीली पड़ गई थी, में तुरंत समझ गया था कि इसकी चूत का पानी निकल गया है। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकालकर नमिता को झुकने को कहा और उसकी गांड पर अपना टोपा रख दिया और हल्का सा एक धक्का दिया, लेकिन अब मेरा लंड अंदर नहीं जा रहा था। अब मैंने तुरंत अपने मुँह से थूक निकालकर थोड़ा सा उसकी गांड के छेद पर और थोड़ा सा अपने लंड पर लगा लिया और फिर से अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखकर मैंने ज़ोर से एक धक्का लगा दिया, तो इस बार मेरा टोपा गांड के अंदर चला गया। अब नमिता दर्द की वजह से ज़ोर-ज़ोर से आहह भरने लगी थी और बोली कि बाहर निकाल लो भैया मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने उसको कहा कि थोड़ी देर रुक जाओ उसके बाद तुम्हे दर्द कम मज़ा ज्यादा आने लगेगा और फिर मैंने उसकी कमर को पकड़कर ज़ोर से धक्के मारने शुरू किए, तब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया।

अब नमिता ज़ोर-ज़ोर से कराह रही थी और में उसके बूब्स को दबा रहा था और अपना लंड उसकी मस्त गांड में अंदर बाहर कर रहा था। अब नमिता आहहहहहह ऊऊह्ह्ह्हह ऊफ्फ्फ्फ़ किए जा रही थी, थोड़ी देर के बाद नमिता सिर्फ़ सीईईईईई ऊउईईईईईई कर रही थी। अब उसको भी मजा आ रहा था, वो भी अपनी गांड को धीरे-धीरे पीछे कर रही थी। फिर दस मिनट तक ज़ोर-ज़ोर से धक्के देकर चुदाई करने के बाद मैंने अपना पानी नमिता रानी की गांड में ही छोड़ दिया और फिर में नमिता के होंठो को चूमने लगा, हल्के-हल्के उसके बूब्स को दबा रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों ठंडे हो गये, नमिता ने मुझे प्यार से मारते हुए कहा कि अब में आपसे यह सब कभी नहीं करवाऊंगी, क्योंकि आप बहुत ज़ोर से करते हो और मुझे मारने लगी। फिर मैंने उसको चूमकर प्यार करके शांत किया और बोला कि मेरी प्यारी बहन मुझे मांफ कर दो, मैंने तुम्हारे प्यार में पागल होकर ऐसा किया है और अब हमने कपड़े बदले उसके बाद हम दोनों जाकर सो गये। अब में सोते समय सोच रहा था कि मैंने अपनी दोनों बहनों को चोद डाला, लेकिन किसी को पता नहीं है कि वो दोनों मुझसे चुद गई है।

फिर मैंने लेटे हुए नमिता को सोम्या की चुदाई के बारे में बताया और वो यह यह सब बात जानकर बड़ी हैरान हो गई और चकित होकर पूछने लगी क्या उसने कुछ नहीं बोला जब तुम कर रहे थे? फिर मैंने उसको होटल की वो पूरी बात बता दी और फिर हम दोनों खुश होकर चिपककर सो गये ।।

धन्यवाद …


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