नेहा की चूत को फाड़ दिया

प्रेषक : सेम …

हैल्लो दोस्तों, सभी भाभियों लड़कियों आंटियों और सभी चूत वालियों को मेरे लंड का नमस्कार। दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी ने मेरी पिछली दो कहानी “उसने मेरी सेक्स की भूख मिटा दी” और “मेरी भाभी जैसा कोई नहीं” को जरुर पढ़कर पसंद किया। दोस्तों आज में आप सभी कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़ने वालों के लिए अपनी एक और नयी सच्ची घटना को लेकर आया हूँ। दोस्तों भाभी के चले जाने के बाद हमारे पड़ोस में नयी पड़ोसन आई और मैंने उसको कैसे चोदा? अब आप सभी वो घटना पूरी तरह विस्तार से सुन लीजिए। दोस्तों अब तक मैंने करीब 10-12 लड़की और औरत की चूत चोद चुका हूँ, मैंने अब तक जितनी भी लड़कियों और औरतों को चोदा है, वो सब मेरे लंड की चुदाई से बहुत खुश हुई है और अब जब भी मौका मिलता है, वो सब दोबारा से अपनी चूत को चुदवाने के लिए खोल देती है और कहती है कि सैम आओ ना, बहुत दिन हो गये है तुम्हारे लंड के धक्के खाए हुए, प्लीज़ मुझे चोदो, मेरी चूत चोद-चोदकर भोसड़ा बना दो। फिर में भी मौका मिलते ही उनकी चूत चोदता हूँ और उनकी लंड की भूख को मिटाता हूँ। दोस्तों इनमे से कुछ औरतें हमारे पड़ोस में रहती है और मौका निकालकर मेरे घर आकर अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवाकर भोसड़ा बनाती है।

फिर एक बार बहुत ही सुंदर करीब 24-25 साल की मेरी नयी पड़ोसन मुझे नजर आ गई, उसका नाम नेहा है, वो एक शादीशुदा औरत है और वो औरत इसलिए की वो वर्जिन नहीं, लेकिन शादीशुदा भी नहीं है। फिर वो जब भी किसी से बात करती तो मुस्कुराती रहती है, उसके बूब्स का आकार 36-25-38 है और उसकी लम्बाई करीब 5.5 इंच है। फिर कभी कभी जब में उसके घर या वो मेरे घर आती और जब मुझसे बातें करती है, तब वो अपनी साड़ी के ऊपर से ही अपनी चूत को सहलाती है, देखकर ऐसा लगता है कि जैसे उसकी चूत में हमेशा खुजली हो रही हो और वो लंड खाना चाहती हो। दोस्तों उसकी वो हरकते देखकर कभी-कभी तो मेरा मन भी करता है कि में उसको उसी समय पटककर अपना लंड उसकी चूत में डाल दूँ और उसकी कसकर जबर्दस्त चुदाई के मज़े लूँ जिसकी वजह से उसकी चूत की सारी गरमी शांत हो जाए। फिर वो जब भी चलती है तो उसकी कमर में एक गजब का बल आता है और उसकी चाल को देखकर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाता, क्योंकि नेहा बहुत ही सेक्सी लगती है। दोस्तों नेहा को कंप्यूटर चलाना आता है, लेकिन वो कंप्यूटर को चलाने में इतनी अनुभवी नहीं है, वो कभी-कभी मुझसे कंप्यूटर के बारे में पूछती रहती थी और में हमेशा उसको कंप्यूटर के बारे में बताता रहता और इस तरह से हम लोग बहुत पास-पास आ चुके थे।

एक दिन उसने मुझसे कॉपी और पेस्ट के बारे में पूछा, तब में उसकी कुर्सी के पीछे खड़े होकर उसको कॉपी और पेस्ट के बारे में बताने लगा था और उस समय हम लोग उसके कमरे में बिल्कुल अकेले थे। अब में नेहा की कुर्सी के पीछे से जाकर उसके चेहरे के पास अपना मुँह ले जाकर उसको कॉपी और पेस्ट के बारे में समझा रहा था। अब नेहा मेरे कहने के हिसाब से काम करने लगी थी, उसने पहले एक ब्लॉक को कट किया और फिर पूछने लगी कि अब कैसे पेस्ट किया जाना है? और वो अचानक से मेरी तरफ मुड़ी जिसकी वजह से उसके होंठ मेरे गाल से छु गये। अब नेहा सिर्फ़ मुस्कुराई और मैंने पीछे से उसको अपनी बाहों में ले लिया और उसकी गर्दन और गाल पर चुम्मा दे दिया। फिर में नेहा की चूत का मज़ा लेना चाहता था और मैंने उसको पूछा क्या घर में कोई नहीं है? तब उसने कहा कि रात तक आएँगे, सभी लोग शादी में गये है और इसलिए में घर में अकेली हूँ। फिर वो मेरे पास आई, मैंने उसको पकड़कर उसका दोबारा से चुम्मा ले लिया। अब मेरे चुम्मा लेने की वजह से वो गरम हो चुकी थी और वो झट से मुझसे लिपट गयी। फिर मैंने उसको और भी ज़ोर से अपने से लिपटा लिया और मैंने उसके बूब्स को उसकी साड़ी और ब्लाउज के ऊपर से पकड़ लिया था।

अब नेहा इस वजह से छटपटाने लगी और वो मुझसे और ज़ोर से लिपट गयी। फिर मैंने तुरंत ही मौका पाकर अपनी पेंट की चैन को खोलकर अपना आठ इंच का खड़ा लंड उसके हाथों में पकड़ा दिया। फिर उसने पहले तो कुछ आनाकानी करना शुरू किया और फिर कुछ देर बाद मेरा खड़ा लंड अपने हाथों में ले लिया। अब उसको मेरा लंड देखने और पकड़ने से बहुत अच्छा लग रहा था, क्योंकि अभी तक उसकी चूत चुदी नहीं थी। फिर उसी समय मुझे घर का मुख्य दरवाजा खोलने की आवाज सुनाई दी, तब हम लोग अपने कपड़े ठीकठाक करके चुपचाप बैठ गये। अब मैंने देखा कि मेरी माँ उसके घर आ गयी और वो बोली कि नेहा कहाँ हो? में घबरा गया था और खिड़की से कूदकर तुरंत अपने घर पहुँच गया। फिर उसने अपने घर से अगले दिन मेरे मोबाईल पर फोन किया और कहा कि आज घर पर कोई नहीं है, बस उसकी छोटी बहन है, तुम आओगे ना? तब मैंने अपने सब काम खत्म करके नेहा को फोन किया, उसकी छोटी बहन ने फोन उठाया, मैंने उसको फोन पर बुलाया और वो फोन पर आ गयी। फिर उसने मुझसे पूछा कि कहाँ हो? तब मैंने कहा कि में इस समय फ्री हूँ और इसलिए में तुमको फोन कर रहा हूँ।

फिर मैंने उसको पूछा कि तुम क्या कर रही हो? तब उसने बताया कि वो मुर्गा बना रही है। फिर उसने मुझसे पूछा क्या तुम मेरे घर पर दोपहर का खाना खाओगे? तब मैंने झट से हाँ कह दिया और में नेहा के घर चला गया। फिर मैंने नेहा के घर की घंटी को बजाया, तब उसकी बहन ने दरवाजा खोला और उसकी छोटी बहन मुझे बैठक वाले कमरे में बैठाकर अपनी दीदी को बुलाकर अपने कमरे में जाकर टी.वी देखने लगी। फिर नेहा मेरे पास आई और मुझे उसने ठंडा पीने को दिया, मैंने ठंडा नेहा के हाथ से लेते समय उसके हाथ को अपने हाथ में लेकर धीरे से दबा दिया। फिर नेहा ने धीरे से कहा कि प्लीज़ अभी कुछ मत करो, मेरी बहन घर पर है और वो कभी भी इस कमरे आ सकती है। अब वो अपनी बहन के कमरे में गयी और उसको किसी बहाने से उसने पास की दुकान से कुछ लाने के लिए भेज दिया। फिर जैसे ही उसकी बहन दुकान के लिए घर से निकली, तब वो नेहा मेरे पास आ गयी और मुझसे लिपट गयी और वो मुझे पागलों की तरह चूमने लगी। फिर मैंने भी नेहा को अपने से लिपटा लिया और में उसके गोरे गालों को चूमने लगा और उसके बूब्स को ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा।

अब नेहा भी गरम होकर अपना एक हाथ मेरी पेंट की चैन के पास लाकर मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी थी और मेरी आँखों में झाककर मुस्कुराते हुए बोली कि कैसे हो बाबू जी? कुछ हो रहा है क्या? तब में उसको बोला कि यह बंदा अब आपका गुलाम है, आप जो चाहे करो जी। फिर नेहा धीरे से मुस्कुराकर अपने हाथों से मेरे लंड को मेरी पेंट ऊपर से मसलने लगी और बोली कि हाँ में भी अब आज से बस तुम्हारी ही हूँ और इसलिए मुझे चूमना और मेरे बूब्स को मसलना यह सब तेरा काम है। फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज़ मेरे बूब्स को और ज़ोर से दबाओ, मुझे बहुत मस्त मज़ा आ रहा है, मुझे एक अजीब सा नशा आ रहा है, हाँ तुम मेरे बूब्स को ऐसे ही दबाते रहो और अब मेरी चूत में कुछ-कुछ हो रहा है, तुम्हारा तो लंड भी अब खड़ा हो गया है। अब तुम इसका क्या करोगे? तब मैंने उसको चूमते हुए कहा कि हाँ में तुम्हारे बूब्स को दबाते-दबाते बहुत गरम हो गया हूँ और इसलिए मेरा लंड खड़ा हो गया है और अब में तुम्हे बिना चोदे नहीं छोड़ सकता हूँ। अब तुम जल्दी से अपने कपड़े उतारकर पूरी नंगी हो जाओ और बिस्तर पर अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर लेट जाओ, क्योंकि में अब अपना लंड तुम्हारी चूत में डालना चाहता हूँ और अपने लंड को शांति देना चाहता हूँ।

अब नेहा मेरे लंड को मसलते हुए बोली कि हाँ अब मुझसे भी रहा नहीं जाता और तुम अपने खड़े लंड से जल्दी से मेरी चूत की कसकर चुदाई करो और मेरी चूत को चोद चोदकर उसका भोसड़ा बना दो, देखो मेरी चूत अब पानी छोड़ रही है, ऊह्ह्ह्ह मेरी पेंटी मेरी चूत के रस से भीग रही है। फिर नेहा मेरे लंड को मसलते हुए बोली कि मेरी बहन दोपहर को खाने के बाद टी.वी देखते हुए दो-तीन घंटे के लिए सो जाती है, उस समय हम दोनों बिना टेंशन के मज़े मस्ती कर सकते है। अब मैंने उसको पूछा कि कैसी मस्ती? तब नेहा मुस्कुराकर बोली कि इतने भोले मत बनो, तुम मेरी चूत में आग लगाकर पूछते हो कि कैसी मस्ती? अरे मस्ती का मतलब जब मेरी बहन खाने के बाद सो जाएगी, तब तुम अपने मस्त लंड से मेरी चूत की जमकर चुदाई करना, क्यों अब समझे मेरे चोदू राजा? अब में उसके मुहं से इस तरह की खुल्लमखुल्लु बात को सुनकर और भी गरम हो गया था और फिर में उसके बूब्स को उसके ब्लाउज के बाहर निकालकर उसकी निप्पल को मुहं में भरकर चूसने लगा। अब नेहा भी मेरे लंड को मेरी पेंट से बाहर निकालकर ज़ोर-ज़ोर से बड़े मज़े जोश के साथ मसलने लगी थी। तभी हमें बाहर का दरवाजा खुलने की आवाज आई, उसकी बहन दुकान से सामान लेकर वापस आ चुकी थी।

फिर हम दोनों जल्दी से अपने कपड़े ठीकठाक करके बैठक वाले कमरे में जाकर बैठ गये और हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे। फिर कुछ देर बाद नेहा रसोई में जाकर चिली चिकन और रोटी ले आई और हम तीनों ने टी.वी देखते हुए उसके मज़े लिए। अब खाना खाने के बाद मैंने नेहा को आंख मारकर उसको पूछा कि क्या में अब ऑफिस वापस जाऊंगा? और मैंने नेहा को उस स्वादिष्ट खाने के धन्यवाद दिया और आँख मारकर कहा कि हाँ में अब ऑफिस वापस जाऊंगा। फिर नेहा मेरे साथ आकर मुझे बाहर के दरवाजे तक छोड़ने आई और मेरे लंड को सहलाते हुए उसने कहा कि तुम 10-15 मिनट के बाद मेरे घर वापस आ जाओ, तब तक मेरी बहन सो जाएगी में तुम्हारे लिए दरवाजा खुला रखूँगी और तुम बिना किसी आवाज के चुपचाप चले आना। अब में नेहा के घर से बाहर जाकर उसकी कॉलोनी के बाहर तक गया और एक पान वाले से मैंने पान लेकर खाया और एक मीठा पान मैंने नेहा के लिए भी ले लिया। फिर करीब 15 मिनट के बाद में नेहा के घर चला गया, मैंने देखा कि बाहर का दरवाजा खुला ही था, में चुपचाप उसके घर में घुस गया और मैंने दरवाजा वापस धीरे से बंद कर दिया। फिर वो मेरे पास आई और धीरे से बोली कि प्लीज़ दस मिनट और इंतजार करो, मेरी बहन अभी जाकर सोई है उसको गहरी नींद में सो जाने दो।

अब मैंने उसी समय नेहा को वो मीठा पान अपने हाथों से खिला दिया, नेहा करीब दस मिनट के बाद मेरे पास आई और दोनों कमरों के बीच का दरवाजा उसने धीरे से बंद कर दिया। फिर जैसे ही नेहा ने दरवाजा बंद किया, में उसके पास पहुँच गया और मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और वो भी मुझसे लिपट गयी, मेरे होंठो को चूमने लगी। अब मैंने भी उसको ज़ोर से लिपटा लिया था, में भी उसके मखमली रसभरे होंठो को चूमने लगा और फिर में धीरे से अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर उसके गोल-गोल बूब्स को अपने हाथ में लेकर धीरे-धीरे मसलने लगा। अब नेहा के बूब्स को मसलने से वो ओह्ह्हहह आह्ह्ह ऊफ्फ्फ की आवाज करने लगी और मेरे लंड को पेंट के ऊपर से पकड़कर सहलाने लगी। फिर में अपना एक हाथ उसके ब्लाउज के अंदर ले गया और में उसके उठे हुए नुकीले निप्पलको अपनी उंगली के बीच में लेकर मसलने लगा। अब मैंने नेहा के ब्लाउज को खोल दिया और में उसके बूब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा था। फिर नेहा मुझसे लिपटी हुई बोली हाँ और ज़ोर-ज़ोर से तुम मेरे बूब्स को मसलो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, तुम्हारे हाथों में जादू है, तुम मेरे बूब्स को दबा रहे हो तो मेरी चूत पानी छोड़ रही है।

अब मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोलते हुए कहा कि अभी तुमने मेरे हाथों का जादू ही देखा है, में अभी तुमको अपने लंड का जादू भी दिखाऊंगा और फिर में इतना कहकर उसके एक बूब्स को मेरे मुँह में भरकर चूसने लगा। अब नेहा मुझसे अपने बूब्स को चुसवाकर बहुत गरम हो चुकी थी और वो ज़ोर-ज़ोर से बड़बड़ाने लगी ऊह्ह्ह्हह स्सीईईईइ हाँ और ज़ोर से मेरे बूब्स को मसलो इनको ज़ोर से दबाओ और दबा दबाकर तुम आज इनका पूरा सारा रस पी जाओ मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, मेरे पूरे जिस्म में कुछ-कुछ हो रहा है, आह्ह्ह्ह मुझे इतना मज़ा पहले कभी नहीं मिला और मेरे बूब्स को दबाओ। अब मैंने नेहा के कपड़े उतार दिए थे, उसके बाद मैंने उसके बूब्स को चूसते हुए उसके पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया, जो कि उसकी चिकनी जांघो से सरकता हुआ नीचे आ गया था। दोस्तों नेहा अब मेरे सामने सिर्फ़ अपनी पेंटी पहने खड़ी हुई थी, में नेहा की पेंटी के ऊपर से उसकी चूत को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा और अपनी एक उंगली से उसकी चूत के छेद को खोदने लगा। अब नेहा की गरमी अपनी बढ़ गई थी कि वो बिल्कुल पागल हो चुकी थी, उसने तुरंत ही पहले मेरी पेंट और फिर मेरी अंडरवियर को भी खोल दिया। अब में नेहा के सामने बिल्कुल नंगा खड़ा था, मुझे नंगा करके नेहा मुझसे थोड़ी दूर जाकर खड़ी हो गयी, वो मुझे घूरने लगी।

फिर कुछ देर बाद वो हंसते हुए बोली कि वाह तुम नंगे बहुत सुंदर दिखते हो, तुम्हारा खड़ा हुआ लंड देखने में बहुत ही अच्छा बलशाली लगता है और कोई भी लड़की या औरत इसको अपनी चूत में लेकर एक बार अपनी चुदाई जरुर करवाना चाहेगी। अब में नेहा के पास गया और मैंने उसको अपनी बाहों में लेकर पूछा कि मुझे कोई और लड़की या औरत से कोई मतलब नहीं, क्या तुम मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती हो कि नहीं? तब वो बोली कि अरे तुम अभी भी नहीं समझे, में तो कब से तुम्हारे लंड से अपनी चूत की झिल्ली को फड़वाना चाहती हूँ? अब जल्दी से तुम मुझे चोदो देखो मेरी चूत में कैसे चुदाई की आग लगी है? इतना सुनते ही मैंने नेहा की पेंटी को उसके कूल्हों के ऊपर से निकाल दिया और फिर उसकी पेंटी को उसके पैरों से अलग कर दिया। अब नेहा झुककर मेरे लंड को ध्यान से देखने लगी थी और देखते-देखते ही उसने मेरे टोपे पर चुम्मा दे दिया और फिर उसको अपने मुँह में लेकर चूमने लगी। फिर में गरम होकर उसको बोला कि लंड को सिर्फ़ छुओ मत उसको अपनी जीभ से चाटो और ज़ोर-ज़ोर से चूसो तुम्हे ज्यादा मज़ा आएगा। अब नेहा कहने लगी कि तुम चुप करो, मुझे अपना काम करना आता है और में वैसे ही अपना काम पूरी इमानदारी मेहनत से कर रही हूँ।

फिर नेहा मेरे लंड के टोपे को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और कभी-कभी उसको अपनी जीभ से चाटने लगी। अब मुझे भी अपनी लंड चुसाई से रहा नहीं गया, मैंने अपना लंड नेहा के मुँह में पूरा अंदर डाल दिया, उस समय नेहा मेरे लंड को अपने मुँह के अंदर लेते हुए बोली कि वाह मेरे राजा अभी और डालो अपने लंड को मेरे मुँह में, बाद में इसको मेरी चूत में डालना। फिर मैंने कुछ देर बाद नेहा को बिस्तर पर लेटा दिया और फिर उसके दोनों पैरों को फैला दिया। अब मेरी आँखों के सामने उसकी साफ चिकनी कामुक चूत पूरी तरह से खुली हुई थी और मेरे लंड को खाने के लिए वो बिल्कुल तैयार थी। फिर में अपनी उंगली को उसकी चूत में डालकर अंदर-बाहर करने लगा था, तब नेहा ज़ोर से बोली कि क्यों समय बर्बाद कर रहे हो? मेरी चूत को उंगली नहीं चाहिए, वो लंड खाने के लिए तरस रही है, उसको अब तुम अपना लंड खिलाओ और उस प्यास को बुझा दो।

फिर मैंने उसको कहा कि तुम क्यों फ़िक्र कर रही हो? में अभी तुम्हारी चूत और मेरे लंड का मिलन करवा देता हूँ, पहले में तुम्हारी चूत का रस तो चख लूँ, सुना है कि सुंदर और सेक्सी लड़कियों की चूत का रस बहुत मीठा होता है। अब नेहा कहने लगी कि हाँ ठीक है तुम पहले मेरी चूत को चाटो तब तक में तुम्हारा लंड चूसती हूँ और फिर हम दोनों 69 आसन में आकर बिस्तर पर लेट गये। अब नेहा की चूत बिल्कुल मेरी आँखों के सामने थी, मैंने देखा कि उसकी चूत लंड खाने के लिए अपनी लार छोड़ रही थी और उसकी चूत बाहर और अंदर से रस से भीगी हुई थी। फिर मैंने जैसे ही नेहा की चूत में अपनी जीभ को डाला, तब वो चिल्लाने लगी ऊह्ह्ह हाँ चूसो-चूसो और ज़ोर से चूसो मेरी चूत को और अंदर तक अपनी जीभ को डालो आह्ह्ह मेरी चूत की घुंडी को भी चाटो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, स्सीईई अब में झड़ने वाली हूँ और इतना कहते ही नेहा की चूत ने गरम-गरम मीठा रस छोड़ दिया, जिसको में अपनी जीभ से चाटकर पूरा का पूरा पी गया। अब उधर नेहा भी अपने मुँह में मेरा लंड लेकर उसको बहुत मज़े लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी, नेहा का चेहरा चमक रहा था और वो खुश होकर मुस्कुराने लगी।

फिर वो मुझसे कहने लगी कि मुझे चूत चुसाई में बहुत मज़ा आया, लेकिन अब में चूत की चुदाई का मज़ा लेना चाहती हूँ, तुम जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डालो, क्योंकि अब मुझसे रहा नहीं जाता। अब में भी नहीं रुकना चाहता था, मैंने अपने हाथों से नेहा के दोनों पैरों को घुटने से मोड़कर उठा दिया और उनको पूरा फैला दिया। फिर मैंने नेहा से कहा कि जान तुम अब अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत के छेद पर रखो। अब नेहा ने मेरे कहने के मुताबिक अपने नाज़ुक मुलायम हाथों से मेरा तना हुआ लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद के ऊपर रख दिया और फिर वो बोली कि हाँ अब जल्दी से डालो मुझसे अब रहा नहीं जाता, आज तुम मेरी चूत को चोद-चोदकर इसका भोसड़ा बना दो, क्या तुम देखते नहीं हो कैसे मेरी चूत लंड खाने के लिए लार टपका रही है? तब मैंने उसके होंठो पर चुम्मा लेते हुए धीरे से अपने लंड का टोपा नेहा की चूत में डाला। फिर उसी समय वो मेरा लंड अपनी चूत में लेने के लिए अपनी कमर को उठा रही थी और जैसे ही मेरा लंड करीब दो-तीन इंच नेहा की चूत में गया, नेहा दर्द की वजह से चिल्लाने लगी हाए राम मेरी चूत फट गई ऊऊईईईई ओह्ह्ह्ह आईईईईई माँ में मर गयी ऊफ्फ्फ्फ़ मेरी चूत फट गयी।

दोस्तों नेहा की आवाज इतनी तेज थी कि मुझे डर लगने लगा था कि कहीं उसकी बहन ना सुन लें और वो नींद से जाग ना जाए? तभी मैंने बिना देर किए उसके मुँह के ऊपर अपना एक हाथ रख दिया, लेकिन वो अब भी रो रही थी और बोल रही थी कि तुमने मेरी चूत को फाड़ दिया ऊईईई माँ मेरी चूत फट गयी, बाहर निकालो नहीं तो में मर जाऊंगी। अब में धीरे-धीरे उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा था और अपने होंठो से मैंने उसके होंठो पर चुम्मा दिया। फिर नेहा दोबारा से मुझसे कहने लगी कि प्लीज़ बाहर निकालो अपना लंड वरना में मर जाऊंगी। अब में उसके दोनों बूब्स को थोड़ा ज़ोर देकर दबाने लगा था और बोला कि में तुम्हे ऐसे मरने नहीं दूंगा, बस थोड़ी देर में सब कुछ ठीक हो जाएगा। फिर नेहा अपना एक हाथ अपनी चूत पर ले गयी और मेरे लंड को पकड़कर वो कहने लगी कि उफ्फ यह तो बहुत मोटा है, इसने मेरी चूत को फाड़ दिया है, ओह्ह्ह मेरी माँ में मर गयी मेरी चूत से तुम अपना लंड जल्दी से बाहर निकालो, लेकिन में उसकी वो बातें कहाँ सुनने वाला था? फिर मैंने अपने होंठो से नेहा के होंठो को दबाते हुए एक बड़ा ही जोरदार धक्का लगा दिया।

अब नेहा चिल्ला तो नहीं सकी, लेकिन मुझे अपने ऊपर से हटाने के लिए मुझे वो पूरा ज़ोर लगाकर अपने हाथों से पीछे धकेलने लगी। फिर मैंने नेहा को अपने दोनों हाथों से कसकर पकड़ रखा था और इसी दौरान मैंने अपनी कमर को उठाकर एक जोरदार धक्का उसकी चूत में और लगा दिया। अब मेरा लंड उसकी चूत में पूरा का पूरा अंदर जा चुका था, उसके बाद में अपना पूरा का पूरा लंड नेहा की चूत में डालकर चुपचाप बिना हिले पड़ा रहा। फिर मैंने उसके बूब्स को कसकर पकड़ लिया और अपना आधा लंड बाहर खीचकर निकाला, तो जैसे ही मेरा आधा लंड उसकी चूत से बाहर निकलकर आया उसके बाद मैंने दोबारा से एक धक्का लगा दिया। अब नेहा ज़ोर से रोने लगी ऊईईईईई आईईईईई नहीं अब रहने दो वरना में मर जाऊंगी मेरी चूत फट चुकी है, प्लीज़ अब अपने लंड को मत हिलाओ बाहर निकालो तुम अब इसको। फिर करीब दस मिनट के बाद नेहा मेरी आँखों में देखती हुई मुस्कुराकर कहने लगी कि तुम्हारा काम बहुत खराब है, इसकी वजह से मेरी चूत फट गयी, क्यों तुम्हारा काम और कितना बाकी है? तब मैंने उसके बूब्स को मसलते हुए पूछा कि मेरी चुदक्कड़ नेहा रानी, लगता है कि तेरी चूत में अब दर्द कम हो गया है और अब वो मेरे लंड के धक्के खाने को तैयार है।

फिर अब क्या में तेरी चूत की चुदाई शुरू करूँ? तब नेहा ने मेरे गाल पर अपने दाँतों से हल्का सा काटा और फिर वो बोली कि मेरे चोदू राजा, में कब से अपनी चूत में तुम्हारे लंड के धक्के खाने के लिए तड़प रही हूँ? और तुम पूछते हो चुदाई शुरू करूँ या नहीं? अबे चूतिये, गांडू, भोसड़ी के जब मुझे चुदवाना नहीं था तो में क्यों तेरे घोड़े जैसे लंड से अपनी चूत फड़वाती? अब जल्दी से चुदाई शुरू कर और मेरी चूत का भोसड़ा बना दे, साला चूत में लंड डालने के बाद पूछता है कि चुदाई शुरू करूँ या नहीं? फिर मैंने नेहा को उसके कहने के मुताबिक चोदना शुरू किया, लेकिन उसको अभी भी दर्द हो रहा था और इसलिए वो बड़बड़ा रही थी बहनचोद, पराई चूत मुफ्त में चोदने को मिल गयी है, इसलिए मेरी चूत को फाड़ रहा है। अब मैंने उसको लगातार धक्के देकर चोदना चालू रखा, थोड़ी देर के बाद नेहा को भी मज़ा आने लगा और अब वो चिल्ला रही थी वाह क्या चुदाई है? और ज़ोर-ज़ोर से मुझे चोदो। अब मेरी चूत में चिटियाँ रेंग रही है, कुछ करो और ज़ोर से मारो तुम्हें मेरी कसम मेरी चूत की तुम बिल्कुल भी फिक्र मत करो, बस ऐसे ही ज़ोर-ज़ोर से अपना लंड मेरी चूत में डालते रहो।

अब में नेहा की वो बात सुनकर खुश हो गया और में उसकी चूत की तरफ देखने लगा, मैंने देखा कि उसकी चूत से बूँद-बूँद कर खून निकल रहा था। फिर में तुरंत समझ गया था कि नेहा की चूत अभी तक किसी से नहीं चुदी है और मैंने ही इस चूत का उद्घाटन किया है। अब में पूरे जोश में आ गया और में अपनी कमर को उठा उठाकर नेहा की चूत में अपना लंड डालने लगा था। फिर नेहा भी नीचे से अपनी कमर को उछाल उछालकर मेरे हर धक्के का जबाब दे रही थी और वो लगातार बड़बड़ा रही थी ऊह्ह्ह वाह मेरे चोदू राजा और ज़ोर से धक्के मारो बहुत मज़ा आ रहा है, अगर में जानती कि चुदाई में इतना मज़ा है तो में बहुत पहले से अपनी चूत में लंड पिलवाती मारो-मारो और ज़ोर से चोदो कुछ मत रखना अपने पास सारा का सारा लंड मेरी चूत में डाल दो। अब में भी ज़ोर-ज़ोर से नेहा की चूत में अपना लंड डाल रहा था और बड़बड़ा रहा था वाह मेरी चुदक्कड़ रानी ले ले अपनी चूत में मेरा लंड ले खाजा अपनी चूत से मेरा पूरा लंड तेरी चूत में तो दाँत नहीं है तो क्या हुआ? अपनी चूत से मेरा लंड चूस-चूसकर इसका सब रस पी जा।

अब नेहा ने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर पर रखकर मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और वो बोल रही थी, बस अब कुछ मत बोलो और ऐसे ही चोदते रहो मुझे में अब तुमसे हमेशा ही चुदवाऊंगी, जब भी तुम्हारा लंड खड़ा हो मुझसे बोलना में अपनी चूत तुम्हारे लंड के लिए खुली रखूँगी। अब हम दोनों इस तरह एक दूसरे से बातें करते हुए बहुत जमकर चुदाई कर रहे थे और नेहा की चूत से अब फच फच की आवाज निकल रही थी। फिर नेहा कहने लगी कि तुम सुन रहे हो, मेरी चूत तुम्हारा लंड खाकर मस्त हो गयी है और वो खुशी का गाना गा रही है। अब में उसको बोला कि मेरी रानी यह आवाज हम दोनों की चुदाई की आवाज है और तुम्हारी चूत जितना पानी छोड़ेगी आवाज़ उतनी ही मधुर होगी, तुम्हें मेरे लंड की चुदाई पसंद आ रही है ना? तब नेहा अपनी कमर को उठाते हुए बोली कि अबे चूतिया अगर मुझे तुम्हारा लंड और तुम्हारे लंड की चुदाई पसंद नहीं होती तो क्या में इस तरह तुम्हारे नीचे नंगी अपने पैरों को उठाए अपनी चूत में तुम्हारा लंड लेती? अब बस बहुत बातें कर चुके तुम अब जरा मन लगाकर जमकर मेरी चूत को चोदो। फिर थोड़ी देर के बाद नेहा कहने लगी कि हाँ और ज़ोर से चोदो मेरा पानी निकलने वाला है, आने दो तुम्हारा लंड मेरी चूत में तुम भी अपना लंड मेरी चूत में झड़ दो।

अब में झड़ने वाली हूँ, बस ऐसे ही अंदर बाहर करके चोदते रहो वाह मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है। फिर में भी उसकी बातों से खुश होकर धनाधन नेहा की चूत में अपना लंड डाल रहा था और उसको बोला कि वाह मेरी रानी में भी अब झड़ने वाला हूँ, ले अब ले मेरे लंड का पानी अपनी चूत से पी जा। अब में तेरी चूत में अपने लंड का पानी छोड़ने वाला हूँ, तू अपने दोनों पैरों को और ज्यादा फैला दे, अपने हाथों से अपनी चूत को और भी खोल ले, क्योंकि अब में भी झड़ने वाला हूँ और इतना कहते ही मैंने नेहा की चूत में दो-चार कस कसकर धक्के मारे और फिर में झड़ गया। अब नेहा की चूत भी मेरे लंड के झड़ने के साथ ही झड़ गयी और फिर हम लोग एक दूसरे से लिपटे हुए 10-15 मिनट ऐसे ही पड़े रहे। फिर मैंने अपना लंड नेहा की चूत से बाहर निकाला, मेरा लंड बाहर निकलते ही नेहा की चूत से सफेद पानी की धार निकलने लगी और उसकी गांड से होकर बिस्तर पर गिरने लगी। अब मैंने नेहा से कहा कि नेहा बिस्तर खराब हो जाएगा और यह दाग बहुत ही मुश्किल से जाएगा।

अब तुम उठो और जाकर अपनी चूत और गांड को धो लो, नेहा मुस्कुराते हुए बोली कि में कैसे बाथरूम में जाऊं? तुमने तो मेरा सारा बदन ही तोड़ दिया है, अभी तक मेरे सारे बदन में चुदाई का खुमार छाया हुआ है और फिर बाथरूम मेरी बहन के कमरे से होकर जाना पड़ेगा। फिर मैंने नेहा के पेटीकोट से उसकी चूत और गांड को साफ किया। फिर नेहा उठी और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर उसको चाटने लगी और फिर नेहा ने मेरे लंड को अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ कर दिया। दोस्तों इस तरह से उस दिन हम दोनों ने यह सब चुदाई का बड़ा मस्त मज़ा किया और जमकर चोदकर एक दूसरे के जिस्म की आग को ठंडा किया ।।

धन्यवाद …


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