नशे वाली चूत

प्रेषक : अनीश …

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम अनीश है और में पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले रहा हूँ, ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है मुझे बड़ा मज़ा भी आता है। दोस्तों वैसे मैंने अब तक बहुत सारी प्यासी कुंवारी तरसती हुई चूत को अपने लंड से चोदकर शांत किया और उनकी चुदाई के बहुत मज़े भी लिए, उन सभी चूत की खुजली को खत्म किया और मैंने अपनी पहले भी कई कहानियाँ लिखकर आप लोगों तक पहुंचाई है। दोस्तों में अपनी आज की कहानी को शुरू करने से पहले आप लोगों को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ क्योंकि यह आप सभी का प्यार है जो हम जैसे लोगों को अपने मन की बात को कहने का मौका और आगे बढ़ने की हिम्मत मिलती है। दोस्तों आज में ठीक वैसी ही एक मजेदार रोचक घटना को लेकर आया हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी। दोस्तों अपनी इस कहानी में मैंने अपनी एक मेडम की चूत को चाटकर, चोदकर, बूब्स को मसलकर, गांड को रगड़कर उनकी बहुत दिनों से प्यासी चूत को अपनी चुदाई से मस्त कर दिया, वो सारे मज़े दिए जिसके लिए वो तरस रही थी उसको पूरी तरह से संतुष्ट किया।

अब में अपना परिचय भी आप लोगों से करवा देता हूँ, मेरा नाम तो आपको पहले से ही पता है और में दिखने में एकदम ठीक लगता हूँ, मेरा गठीला बदन, गोरा रंग और मेरे लंड की लम्बाई 6 इंच लंबा 2 इंच मोटा जो किसी भी प्यासी चूत की प्यास को बुझाने के लिए एकदम ठीक है और हर एक लड़की जो मेरे लंड से एक बार चुद चुकी है, वो मेरे लंड को दोबारा लेने के लिए बिल्कुल पागल है और वो कुछ भी करने के लिए हमेशा तैयार है। दोस्तों एक मोटा तगड़ा लंड जो हर एक चूत को शांत करने उसकी प्यास को बुझाने के लिए एकदम ठीक हो ऐसे लंड की कल्पना सबसे ज़्यादा कुवारी लड़कियां करती है और हर रात उसके रंगीन सपने देखकर वो अपनी चूत में उंगली को डालकर, उसकी खुजली को शांत करने की कोशिश करती है, यह सब करके उनको बड़ा मज़ा आया है और वैसे ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ कुँवारी कन्या ही लंड को तरसती है। दोस्तों में आप लोगों को बता दूँ कि एक जवान शादीशुदा औरत भी अच्छे तगड़े मोटे लंड को पाने के लिए हमेशा बेकरार रहती है और वो भी उसको लेना चाहती है यह मेरा अपना अनुभव है।

अब यह तो हुई सामान्य ज्ञान की बात अब ज़रा गुप्त ज्ञान की बात हो जाए कि मेरे साथ ऐसा क्या घटा जिसको आज में आप सभी को बताने जा रहा हूँ? वैसे में बता दूँ कि इस कहानी में मैंने ठीक एक ऐसी ही शादीशुदा अपनी मेडम को चोदा वो सब आपको आगे की कहानी को पढ़कर अपने आप पता चल जाएगा। दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब में 12th की बोर्ड की परीक्षा देकर फ्री हुआ था और मेरा रिज़ल्ट आने में पूरे तीन महीने का समय था और इसलिए में अपने पास कोई भी काम ना होने की वजह से घर पर एकदम बोर हो रहा था। दोस्तों यह वो समय होता है जब हर एक लड़का अपने बढ़े हुए लंड के प्रति आकर्षित रहता है और उसके साथ-साथ वो बढ़ती हुई काली-काली घुंघराली झाटे उसका मन जल्दी से किसी नशीली चूत का रसपान करने के लिए उसकी तरफ प्रेरित करती है, क्योंकि वो कहते है ना कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है और वही सब मेरे साथ भी हुआ। दोस्तों अब मैंने कुछ दिनों बाद अपने फ्री समय का सही इस्तेमाल करने के लिए एक इंग्लीश स्पीकिंग कोर्स जाना शुरू कर दिया।

हमारे घर से थोड़ी दूरी पर एक नई इंग्लीश कोचिंग सेंटर खुला था, जहाँ में अपना दाखिला लेने पहुंच गया और मेरे लंड की किस्मत बड़ी अच्छी थी, वहाँ जाते ही मेरा सामना एक कमसिन, अल्हड़, मदमस्त, जवान, औरत से हुआ। फिर मुझे बाद में पता चला कि वो भी वहां पर अध्यापक है और उसके उस गोरे गदराए तनबदन को देखते ही मेरा तो लंड अंडरवियर में ही उचकने लगा और उसके बदन की मस्त खुशबु ने मेरे मन में एक तूफान पैदा कर दिया। अब मेरा मन तो उसको तुरंत पकड़कर वहीं पर उसकी चुदाई करने को तैयार हो गया था, लेकिन में क्या करता? वहां तो में पढ़ने गया था और मुझे दाखिला देते हुए वो भी मुझे आँखों ही आँखों में तौल रही थी। दोस्तों वो एक 27 साल की भरे हुए बदन वाली सेक्सी मेडम थी और वो शादीशुदा थी, उसके दोनों बूब्स करीब ½ किलो के थे और उसके गद्देदार मोटे मोटे कुल्हे मतलब उसकी गांड उभरी हुई संगमरमर की मूरत से तराशी हुई लग रही थी। फिर उसके कुल्हे जब हिलते तो ऐसे लगते थे जैसे वो मुझसे कह रहे हो, आजा मेरे राजा मेरी इस गांड को तू बजा दे। फिर मैंने दाखिला लेकर उनसे पूछा कि मुझे कितने बजे आना है मेडम?

अब वो मेरी तरफ मुस्कुराकर बोली कि तुम सुबह सात बजे से आ जाना और अब मैंने उनसे पूछा कि मुझे साथ में क्या लेकर आना है? वो बोली कि तुम अपने साथ बस एक कॉपी लेकर आ जाना और फिर में उनसे बात करके अपने घर पर वापस आ गया, लेकिन मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि उनकी उस शैतानी हंसी के पीछे क्या राज छुपा था? और मेरे लिए उनके मन में क्या चल रहा था? अब में उन सभी बातों से बिल्कुल बेखबर होकर सारी रात अपनी मेडम के बारे में सोच सोचकर बड़ी बेसब्री से, अब सुबह होने के इंतज़ार में सो ना सका, क्योंकि उस पूरी रात मेडम की वो हसीन मुस्कान और उनका चेहरा मेरे सामने था। अब में बार-बार उनके ब्लाउज में क़ैद उन दो कबूतरों का ध्यान कर रहा था, जो बाहर आने को बेताब थे और में सोच रहा था कि उनकी चूत कैसी होगी? गुलाबी चूत पर वो काला सिंघड़ा कैसा होगा? उनकी चूत का लहसुन मोटा होगा या पतला, मुलायम मीठा या नमकीन? उनकी चूत के रस में कितना नशा होगा? में उनकी चूत की फांके गुलाब की पत्तियों सी फैला दूं तो क्या होगा? यह कल्पना मुझे और भी ज्यादा मधहोश कर रही थी जिसकी वजह से मेरा लंड अब ज्यादा फूलकर लंबा और मोटा हो गया था और मेरी अंडरवियर में उसने गरम चिकना पानी छोड़ दिया, जिसकी वजह से मेरी अंडरवियर गीली हो गई।

अब अगले दिन सुबह जल्दी उठकर बिना देर किए में नहाकर उस इंग्लीश की कोचिंग पर ठीक समय से पहुंच गया। फिर मैंने देखा कि उस क्लास में और भी कुछ हसीन कुंवारी मस्त सेक्सी लड़कियाँ थी और कुछ तो सुंदर शादीशुदा औरतें भी थी जो ऊँची सोसाइटी में अपनी धाक जमाने के लिए इंग्लीश सीखना चाह रही थी, जिससे वो अपने साथ वाली औरतों में उनके साथ रंगिनियों का मज़ा उठा सके। अब में पीछे की सीट पर जाकर बैठ गया, थोड़ी देर में मेडम वहां पर आई और शुभदिन के साथ मुझ पर नज़र पड़ते ही वो बोली कि तुम आगे वाली कुर्सी पर आकर बैठ जाओ और उनके कहने पर में आगे की सीट पर बैठ गया। फिर वो हम सभी को अपना परिचय देते हुए बोली कि हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम निशा है और अब आप लोग भी एक एक करके अपना अपना परिचय मुझे दीजिए और फिर हम सभी ने अपना, अपना परिचय अपनी उस सेक्सी मेडम को दे दिया। फिर सभी से अपना परिचय लेने के बाद वो उस बोर्ड की तरफ पीछे मुड़कर उस पर कुछ लिखने लगी और वो जैसे ही पीछे घूमी उनकी गांड अब ठीक मेरे सामने आ गई और अब मेरा मन एक बार फिर से उनकी गांड को मारने के विचारों में खो गया।

दोस्तों वैसे भी में क्या करूँ? में अपनी 18 साल की जवानी को कहाँ और कैसे शांत करता? वो बहुत सुंदर हल्के भूरे रंग की साड़ी पहने हुए थी उस पर हल्के गुलाबी रंग का ब्लाउज के नीचे से उनकी काले रंग की ब्रा मुझे साफ दिख रही थी। अब उस साड़ी के पल्लू से उनके बूब्स का आकार वो उठाव मेरे मुहं में पानी ला रहा था, मेरे मन में लालच जाग रहा था और उन दोनों बूब्स के बीच की वो गहरी गोरी दरार ब्रा के ऊपर से मेरे लंड को मस्ती दिला रही थी। अब वो वापस पीछे मुड़कर हम सभी से बोलने लगी, में सबसे पहले आप सभी लोगों को ग्रामर के बारे में बताती हूँ और वो इतना कहते हुए मेरे एकदम पास चली आई और में उस समय बैठा हुआ था और वो मेरे इतने पास आकर खड़ी हो गई कि उनका वो गोरा खुला हुआ पेट वाला हिस्सा, अब सीधा मेरे मुहं के पास आ चुका था जिसमे से उनकी आकार में बड़ी गोल गहरी नाभि की महक मेरी नाक में हल्का मीठा ज़हर घोल रही थी और में पूरा पूरा मज़ा ले रहा था। तभी अचानक से उनका पेन हाथ से गिरकर मेरे सामने आकर टपक गया, जिसको लेने के लिए वो झट से नीचे झुकी और उनके दोनों बूब्स ठीक मेरे मुहं के सामने आकर पसर गये, जिनको अपने इतना पास देखकर मेरी आंखे फटी की फटी रह गई।

अब में अपनी चकित नजरों से लगातार उस मस्त नजारे के मज़े लेता रहा और उस दिन हमारी क्लास ऐसे ही चलती रही। फिर जब क्लास ख़तम हुई तब हम सभी उठकर अपने अपने घर पर जाने लगे, लेकिन मेडम ने मुझे रुकने को कहा और में अपनी कुर्सी पर ही बैठ रहा। फिर सभी लोगों के चले जाने के बाद मेडम मेरे पास आई और वो बोली कि तुम बड़े अच्छे लगे। फिर मैंने झट से कहा कि मेरी इतनी तारीफ करने के लिए धन्यवाद मेडम। अब वो मुझसे पूछने लगी कि तुम अभी क्या करते हो? मैंने बोला कि अभी मैंने 12th का पेपर दिया है और अब में जब तक मेरा रिजल्ट नहीं आ जाता, तब तक बिल्कुल फ्री हूँ। अब मेडम मुस्कुराकर बोली कि इसका मतलब अब तुम बालिक हो गये हो? मैंने कहा कि जी हाँ मेडम में अब बालिक हूँ, लेकिन उस बात से क्या मतलब? तब वो उऊऊ कुछ सोचकर बोली कि यह तुम्हारा केला तो बहुत बड़ा है। अब में बड़ी अच्छी तरह से उनका कहने का मतलब तो समझ चुका था कि मेडम मेरे लंड की तरफ इशारा कर रही है, लेकिन फिर भी में जानबूझ कर अंजान बना रहा और मैंने उनसे पूछा कि आप अभी किस केले की बात कर रही थी?

तभी वो कहने लगी अरे अब तुम इतने भी अंजान मत बनो मेरे राजा तुम्हारा वो लंड जो बहुत बड़ा है और जो इस पेंट के नीचे से फूलकर बाहर निकलकर खुली हुई ताजा हवा खाने को बेताब है शायद इसने अभी तक किसी भी गुंजिया (चूत) का स्वाद नहीं चखा। दोस्तों में असल में उस दिन सुबह अपनी क्लास में जल्दी पहुंचने और अपनी मेडम की एक झलक को पाने के लिए ज्यादा उत्सुक होकर में उस चक्कर में नहाकर अपनी पेंट के नीचे अंडरवियर पहनना भूल ही गया था, उस वजह से मेरा मोटा लंड तनकर मेरी पेंट में अपनी छाप दिखा रहा था। अब मेडम को एकदम फ्री और मुझसे इस तरह से खुलकर बातें करते हुए देखकर मैंने भी उनसे कह दिया कि हाँ मेडम मेरे लंड ने अभी तक किसी की चूत का स्वाद नहीं चखा है, लेकिन में उसकी तलाश में जरुर हूँ जैसे ही वो मुझे मिलेगी में उसको उसके बड़े मज़े दूंगा। अब वो बोली कि आज से अभी से तुम सोच लो कि तुम्हारी वो तलाश अब पूरी हो चुकी है और इस शनिवार की सुबह 6 बजे तुम मेरे घर पर आ सकते हो, में बिल्कुल अकेली रहती हूँ दरअसल मेरे पति बाहर नौकरी करते है और हमारी अब तक कोई औलाद नहीं है, अगर तुम आ ज़ाओगे तो मुझे तुम्हारा साथ मील जाएगा हो सकता है कि उससे हम दोनों का कुछ भला भी हो जाए।

फिर मैंने उनकी वो बात सुनकर झट से उनको हाँ भरकर आने के लिए कह दिया और में बहुत अच्छी तरह से जानता था कि मेडम को मेरा साथ क्यों चाहिए था और वो हमारे कौन से भले के बारे में इशारा करके बता रही थी? दोस्तों उनको अपनी चूत की खुजली को मेरे लंड से मिटाना था और फिर जब पति बाहर नौकरी करके अपनी गांड मरवाए तो पत्नी दिनभर जब पढ़ाकर लौटकर अपने घर पर आए तो उसको अपनी चूत को चोदने उसकी खुजली को खत्म करने के लिए कोई लंड तो चाहिए था और वैसे भी इसमे कुछ ग़लत नहीं है, क्योंकि हर एक औरत को हर एक लड़की की चूत में अपनी चूत की गरमी चढ़ती है और उसकी चूत की आग सिर्फ़ और सिर्फ़ लंड शांत कर सकता है। दोस्तों में अपनी पूरी बात को खत्म करके अपने घर चला आया, लेकिन में उस सारी रात को मेडम का ध्यान करके सो ना सका मैंने घड़ी में सुबह पांच बजे का अलार्म लगा दिया और फिर मेरी मम्मी भी सुबह पांच बजे अलार्म की वो आवाज़ सुनकर उठ गई और वो मुझसे पूछने लगी कि तुम इतनी सुबह कहाँ जा रहे हो? मैंने कहा कि सुबह रोज़ अब में जल्दी उठकर घूमने जाऊंगा और फिर में वहीं से अपनी क्लास में होकर वापस घर पर आ जाऊंगा।

दोस्तों अब में उनसे क्या कहता कि में सुबह जल्दी उठकर अपनी प्यासी कामुक मेडम की चूत की खुजली को शांत करने जा रहा हूँ? फिर में सुबह चाय पीकर तुरंत टेक्सी करके मेडम के घर के पते पर अपने साथ एक कॉपी को लेकर पहुंच गया और फिर मैंने दरवाजे की घंटी बजाई। फिर थोड़ी देर बाद मेडम काले रंग की मेक्सी पहने मुस्कुराकर दरवाज़ा खोलती हुई मुझे नज़र आई, तब मैंने ध्यान से देखा कि उनकी उस मेक्सी के सबसे ऊपर वाले दो बटन खुले हुए थे और उसके अंदर ब्रा नहीं पहने होने की वजह से उनके वो दोनों बूब्स मुझे साफ साफ नजर आ रहे थे और उसके नीचे उन्होंने पेटिकोट भी नहीं पहना था, क्योंकि उन्होंने मेरा एक हाथ अपनी सेक्सी कमर पर रख मुझे अंदर बुलाया जिसकी वजह से उनका बदन मेरे हाथ में आ गया। फिर मुझे सब कुछ पता चल रहा था और मेरी आँखों के सामने उनकी वो गोरी, उभरी, खुली हुई छाती मेरे दिल की धड़कन को बढ़ा रही थी और वो तभी मेरी तरफ मुस्कुराकर बोली अब तुम ऐसे ही खड़े खड़े मेरी सूरत देखते रहोगे या मुझे अपनी बाहों में उठाकर बिस्तर पर भी ले चलोगे? देखो मेरी यह जवानी कब से ऐसे मोटे लंड की आग में जल रही है क्या तुम आज मेरी इस चढ़ती जवानी के मज़े नहीं लूटोगे?

अब मैंने तुरंत अपनी उस कॉपी को पास पड़ी, उस टेबल पर रखी और मैंने मेडम को झट से अपनी बाहों में उठा लिया और उनके खुले बाल पीछे की तरफ मेरे हाथों पर थे। अब उनके बूब्स मेरी छाती से दबकर पहले से ज्यादा बाहर आकर उस पल को ज्यादा रंगीन बना रहे थे और उन्होंने मेरे होंठो को अपने होंठो में क़ैद कर लिया। दोस्तों उनका बेडरूम सामने ही था उस समय मौसम थोड़ा सा गरम था और इसलिए में उनको पहले बाथरूम में ले आया जहाँ पर उनको कुछ देर नहलाकर मालिश करके मज़े ले सकूँ। फिर मैंने मेडम को बाथरूम में खड़ा कर दिया और फिर उनकी काली मेक्सी के ऊपर से पूरा गोरा बदन दबाया और सहलाया उनके हाथ ऊपर करके उनकी काली मेक्सी को धीरे से उतार दिया। अब वो पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी थी, उनका दूधिया बदन गोरे, गोरे मोटे बूब्स और हल्के काले घुंघराले बालों के बीच गुलाबी मुलायम चूत बड़ी मस्त लग रही थी। अब मैंने पानी को चालू कर दिया वो पानी ऊपर से नीचे उतरकर उनके हर एक अंग को भिगो रहा था और अब मैंने उनको चूमना, चाटना शुरू कर दिया। दोस्तों होंठो से होंठो फिर गाल सब जगह अपनी जीभ को फेरकर मज़ा देता रहा और दोनों बूब्स को बार बार दबाकर निप्पल को मुहं में भर लिया। फिर तब मैंने महसूस किया कि उनके गुलाबी निप्पल मोटे और बहुत मुलायम भी थे, मैंने अपनी जीभ को बाहर निकालकर गोल निप्पल पर घुमाकर चाटकर मज़ा लिया।

अब वो आअहह उहह्ह्ह्ह इससस्स मज़ा आ गया बोल रही थी हाँ और पियो यह निप्पल कब से तरस रहे थे कि कोई इनको पिये। अब मैंने कसकर बूब्स को दबा दबाकर उनके दोनों निप्पल पर अपनी जीभ को बहुत देर घुमाया और मेडम भी अपनी जीभ को बाहर निकालकर मेरे शरीर को चाट रही थी और उनके बूब्स फूलकर बड़े हो गए थे और में नीचे उनकी नाभि पर आ गया। अब मुझे उनकी गोल नाभि की गहराई को नापने में बस दो मिनट लगे और इससे पहले बूब्स का मसाज और निप्पल का चूसना करीब दस मिनट तक उनको प्यार के नशे में डुबोता चला गया और इस क्रिया से मेरा लंड भी नागराज की तरह फूंकारता हुआ खड़ा होकर, अब छे इंच का हो चुका था जिस पर मेडम का हाथ पहुंच गया था। अब मैंने धीरे से मेडम को बाथरूम के फर्श पर लेटा दिया ताकि उनकी चूत खुलकर मेरे सामने आ सके और में उनकी गुलाबी गुंजिया में अपनी उंगली को डाल सकूँ। फिर में धीरे से उनकी चूत का रस पीने के इरादे से नीचे चला गया, उनकी झाटो पर पड़ी पानी की बूँदो ने मुझे उनकी झाटो पर चाँदी की तरह चमकती बूँदो को पीने की चाह जगा दी। अब में उनकी काली मुलायम घुंघराली झाटो को अपने होंठो में क़ैद करके अपने होंठो से पीने लगा और उनकी जब झाटे खिचती तो वो आअह्ह्ह्हहह ऊऊऊऊओह आईईईईईई जान सस्स्स्स्स्स्स करती।

फिर उस वजह से मेरा लंड और कड़क हो जाता उनकी झाटो से पानी साफ करने के बाद मैंने दोनों उंगलियों से उनकी चूत की गहराई को नापा, मतलब दोनों उंगलियों को चूत के अंदर गुलाबी छेद में गहराई तक डाल दिया। फिर जीभ को पास लाकर उनकी चूत का सिंघाड़ा अपने मुहं में क़ैद कर लिया और में करीब दस मिनट तक उनकी नशीली चूत का रस अपनी जीभ से चूसता रहा और उनकी गरम चूत में अपनी जीभ को अंदर बाहर चलाता रहा। अब ऊपर से नीचे फिर नीचे से ऊपर और फिर जीभ को खड़ा करके अंदर बाहर भी करता जीभ से चूत रस चाटते समय मैंने अपनी एक उंगली को नीचे सुंदर सी दिखाई दे रही उनकी गांड के छेद पर लगा दिया। फिर उनको चुदाई के लिए एकदम तैयार करके मैंने अपनी अंडरवियर को उतार दिया। अब मेडम बाथरूम के फर्श पर उठकर मेरे ऊपर मेरी तरफ अपनी गांड को करके 69 आसन में लेट गयी और उन्होंने मेरा लंड अपने मुहं में डाल लिया और अब में मेडम की चूत में नीचे से पीछे से अपनी जीभ को डालकर उनका रस चाटे जा रहा था। अब मेडम को मेरा गुलाबी टोपा बहुत मज़ा दे रहा था, वो छोटे बच्चों की तरह उसको चूसे जा रही थी, क्योंकि आज उनको लंड बहुत दिनों बाद नसीब हुआ था और मेरा तना हुआ लंबा मोटा दमदार लंड उनको बहुत मज़ा दे रहा था।

फिर वो करीब पांच मिनट तक मेरा लंड अपने होंठो में क़ैद करके लगातार चूसती रही, उन्होंने अपनी जीभ से मेरे लंड के टोपे को चाट चाटकर पहले से ज्यादा लाल कर दिया था और मेरा लंड तनकर सरिये की तरह पूरा खड़ा हो गया था, लेकिन मेडम तो मेरा लंड छोड़ ही नहीं रही थी, उनको ऐसा जाने क्या उसमे मिल गया था कि वो लगातार लगी रही? फिर मैंने उनको बोला कि मेडम में अब झड़ने वाला हूँ अब तो आप मुझे छोड़ दो, लेकिन उन्होंने मुझे छोड़ा तो जरुर, लेकिन अपने सामने खड़ा कर दिया और वो खुद मेरे ऊपर से हट गई और अब वो बोली कि आओ राजा अब तुम अपना यह सारा माल मेरी जीभ पर गिरा दो और वो यह बात कहकर मेरे लंड के पास अपना पूरा मुहं खोलकर अपनी जीभ को बाहर निकालकर नीचे बैठ गई। फिर मैंने अपने लंड को अपने एक हाथ से हिलाकर मुठ मारकर जल्दी से अपना सारा गरम गरम शहद उनकी जीभ पर निकाल दिया, जिसकी वजह से उन्होंने अपनी दोनों आँखों को बंद करके जन्नत का असली मज़ा लिया और वो मेरे गरम वीर्य की आखरी बूँद तक भी चाटती गयी। फिर उसके बाद उन्होंने अपना मुहं धोया और वो मुझसे बोली कि अब तुम मुझे बेडरूम में ले चलो मेरे राजा में अब ज्यादा देर और बर्दाश्त नहीं कर सकती, प्लीज अब जल्दी से तुम अपना यह मोटा तगड़ा लंड डालकर मुझे वो मज़े पूरा सुख दे दो, जिसके लिए में अब तक तरस रही थी प्लीज जल्दी करो।

दोस्तों सच कहूँ तो में भी उनकी चूत को आज जमकर चोदने के लिए बहुत बेताब बैचेन हो रहा था, मैंने तुरंत उनको अपनी गोद में उठा लिया और पलंग पर बिल्कुल सीधा लेटा दिया, उनके दोनों गोरे पैरों को पूरा फैला दिया ताकि उनकी गुलाबी चूत मेरे सामने पूरी तरह से खुल जाए और मुझे उनकी चूत को चाटने में ज़रा भी कठिनाई ना हो। अब ज्यादा से ज्यादा मज़ा उनकी चूत को अंदर तक चाटने चूसने में मुझे आए। अब वो एक बार फिर से मेरे लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर आगे पीछे करके हिलाने लगी, उसको दोबारा खड़ा करने में उसकी मदद हिम्मत को बढ़ाने लगी। फिर कुछ देर तक उनके यह काम करने से और उनके गोरे सेक्स बदन को सहलाने, निप्पल को निचोड़ने, उनके नरम हाथों के स्पर्श से मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा होने लगा और तब तक मैंने उनकी नशीली चूत को धीरे धीरे चाटकर अपने थूक से पूरा गीला चिकना कर दिया था। दोस्तों वैसे उनकी चूत एकदम मक्खन सी मुलायम और मलमल सी चिकनी थी, वो नरम गरम मलाई से भरपूर चूत मुझे अब जन्नत सी लग रही थी जिसको अब चोदना मेरे लिए बहुत ज़रूरी हो गया था। अब मेरे लप लप कर उनकी चूत को चाटने की वजह से वो जोश में आकर अपने मुहं से सीईईईइ ऊऊऊओ अहह्ह्ह्ह कर रही थी।

फिर वो मुझसे बोली कि मेरे राजा जल्दी से अपना यह 6 इंच का शेर मेरी प्यार की इस गुफा में घुसा दो, प्लीज जल्दी से मेरी इस चूत की खुजली को शांत करो में बहुत तड़प रही हूँ। अब मैंने जल्दी से उनकी गोरी, भरी हुई जाँघो को दूर दूर किया और अपने लंड को एक हाथ से पकड़कर लंड का टोपा उनकी चूत के मुहं पर टीकाकर सहलाया, उसके बाद एक धीरे से ज़ोर लगाया जिसकी वजह से लंड खच की आवाज़ से फिसलता हुआ गरम चूत के अंदर तक समा गया। अब वो अपनी दोनों आँखें बंद करके मस्त होने लगी थी, में बोला कि निशा तुम बहुत गरम, मस्त हो। फिर वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर मुस्कुरा दी, मैंने अपने लंड का दबाव बढ़ा दिया और लंड को जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा। दोस्तों मेरा लंड पूरे जोश के साथ अंदर बाहर आ जा रहा था जिसकी वजह से निशा के बूब्स भी ज़ोर से हिल रहे थे, कुछ देर बाद उसके दोनों बूब्स को मैंने अपने हाथ में भरकर उनको मसलना दबाना शुरू कर दिया था और उनके निप्पल भी अपने होंठो में लेकर चूसने लगा। फिर मैंने निशा की जवानी का मज़ा लूटकर करीब दस मिनट तक अपने गरम मोटे लंड से में उसकी चूत को फाड़ता रहा।

फिर जब में झड़ने वाला था, तब मैंने उसकी चूत से अपना लंड बाहर निकाल लिया और अपना गरम वीर्य उसकी चूत के ऊपर और नाभि के छेद में डाल दिया। अब वो मेरी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट होकर एकदम शांत हो चुकी थी और मेरे पहले प्यार की क्लास एक घंटे में ख़तम हो गई, सेक्स की इस क्लास में मुझे बड़ा मस्त मज़ा मिला वो बहुत अनोखा मज़ा एक मज़ेदार खेल था। दोस्तों उस खेल को खेलने में हम दोनों को ही बड़ा मस्त मज़ा आया हम दोनों ने एक दूसरे का पूरा पूरा साथ देकर उस खुशी को हांसिल किया जिसके लिए हम दोनों का जिस्म अंदर ही अंदर जल रहा था। दोस्तों में उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी यह पहली क्लास ज़रूर पसंद आएगी और इसके आगे भी मैंने अपनी मेडम को चुदाई का पाठ पढ़ाया और उन्होंने मुझे सभी तरह का ज्ञान दिया क्योंकि वो एक शादीशुदा औरत होने के साथ साथ बड़ी अनुभवी मेरी अध्यापक भी थी ।।

धन्यवाद …


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